मंगल ग्रह को करीब से टटोलने वाला पहला कृत्रिम उपग्रह
Source: Bhaskar News | Last Updated 00:06(28/11/11)
मेरिनर 4 दुनिया का पहला ऐसा कृत्रिम उपग्रह था, जिसने मंगल ग्रह की करीबी छवि दुनिया को दिखाई। इसे इस हिसाब से डिजाइन किया गया था ताकि यह अंतरिक्ष में विचरते हुए मंगल ग्रह के करीब पहुंचकर इसका वैज्ञानिक प्रेक्षण करे और इन प्रेक्षणों को पृथ्वी तक प्रेषित करे। इसे 28 नवंबर 1964 को फ्लोरिडा के केप कैनेडी से लांच किया गया था।
इसमें एक टेलीविजन कैमरा और छह अन्य वैज्ञानिक उपकरण लगे थे। तकरीबन साढ़े सात महीने की उड़ान के बाद इस उपग्रह ने 14 जुलाई 1965 को मंगल ग्रह से 9845 किलोमीटर दूरी पर उड़ते हुए इसकी 22 तस्वीरें लीं, जो इसकी तकरीबन 1 फीसदी सतह को कवर करती थीं।
पहले 4-ट्रैक टेप रिकॉर्डर में स्टोर की गई इन तस्वीरों को पृथ्वी तक प्रेषित होने में चार दिन लगे। इन्हें देखने से पता चला कि मंगल ग्रह की सतह लाल है और इस पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इसके कुछ हिस्सों पर पहले कभी पानी होने के भी संकेत नजर आए।
यह पहला उपग्रह था, जिसने गहन अंतरिक्ष में मौजूद किसी दूसरे ग्रह की तस्वीरों को पृथ्वी तक सफलतापूर्वक प्रेषित किया। मंगल से गुजरने के बाद वर्ष 1967 में वापस पृथ्वी के नजदीक आने से पहले इसने सूर्य का भी चक्कर लगाया था।