बिहार के गया स्थित महाबोधी मंदिर हमेशा से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। जनवरी 2013 में इससे एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। इस मंदिर परिसर में व्यापक पैमाने पर ब्रिटिश आर्मी से जुड़े जवान ध्यान के जरिए तनाव को दूर भगाएंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 4,000 ब्रिटिश आर्मी से जुड़े जवान बारी-बारी से बिहार के बोधगया में आएंगे। इनमें से ज्यादातर जवान अफगानिस्तान और इराक के युद्ध में भाग ले चुके हैं।
यह दौरा उनके थकान और चिड़चिड़ापन को दूर भगाने के लिए किया जा रहा है। ब्रिटिश आर्मी के ये जवान बिहार के बोधगया के अलावा उत्तर प्रदेश के सारनाथ में भी आएंगे। ब्रिटिश फौजियों के पहले ग्रुप के आने की तिथि भी तय हो चुकी है। ऐसा माना जा रहा है कि बीते 5 से 8 नवम्बर को लंदन में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर बिहार सरकार ने अपने पर्यटन स्थलों को शानदार तरीके से प्रोत्साहित किया था। इसकी वजह से ब्रिटिश सेना ने लड़ाई में थके हुए अपने सैनिकों को बोधगया भेजने का निर्णय लिया है।
बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि ब्रिटिश आर्मी के जवान रोटेशन प्रकिया के तहत एक सप्ताह के लिए बोधगया आएंगे। उनके ग्रुप में 100 से 150 लोग होंगे। वे महाबोधी मंदिर का भ्रमण करने के बाद उत्तर प्रदेश के सारनाथ में जाएंगे। पिंटू ने कहा कि हमने बिहार मंदिर प्रबंधन समिति को ब्रिटिश आर्मी के ध्यान साधना के मद्देनजर महाबोधी पेड़ के आस-पास उनके लिए जगह चिन्हित करने के लिए कह दिया है।
आगे की स्लाइड्स में जानें ध्यान और योग के जरिए कैसे आप अपने चिड़चिड़ापन और तनाव को दूर भगा सकते हैं।
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