भागलपुर। शहर के मायांगज स्थित जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज एण्ड अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में एक ऐसे
मासूम भाई बहन को भर्ती कराया गया है, जो जन्म से ही कार्बन बेबी सिंड्रोम के शिकार हैं। पहले तो इनका इलाज टीबी की बीमारी समझ कर किया जा रहा था, लेकिन कई जांच के बाद डॉक्टरों ने कार्बन बेबी सिंड्रोम होने की पुष्टी की है। देश में यह दूसरा केस भागलपुर में पता चला है। इससे पहले वेस्ट दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) में दो साल पूर्व इस बीमारी का पता चला था। सात वर्ष का ग्रसित छोटू और तीन साल की कुमकम कहलगांव अनुमंडल के रसलपुर गांव निवासी बुचो यादव की संतान है। कार्बन सिंड्रोम की पुष्टि होने के साथ ही परिजनों के होश उड़ गए हैं।