विश्व महिला दिवस पर हम ऐसी महिलाओं के बारे में आपको बता रहे हैं, जिन्होंने अपने दम पर अपनी मुक्कमल पहचान बनाई। इन महिलाओं ने दिखा दिया कि वे जो ठान लें, उसे पूरा करके ही मानती हैं। इसी कड़ी में पेश है पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करने वाली बिहार की बेटी फुटबॉलर रंजीता की कहानी...
मुंगेर। वर्ष 2003 में हुए सिंगापुर में महिला अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी जमालपुर (मुंगेर) की रंजीता सिंह को आज भी एक प्लेटफार्म की जरुरत है, जहां से वह दोबारा अंतरराष्ट्रीय उड़ान भर सकें। उन्हें अब भी मलाल है कि थाईलैण्ड, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया, उजबेकिस्तान और हांगकांग जैसे देश की टीमों को कड़ी टक्कर देने के बाद भी उनकी प्रतिभा को सराहा नहीं गया। हां, खेल कोटे से राज्य सरकार ने महिला कॉंस्टेबल की नौकरी जरुर दी है। लेकिन खेल के प्रति रंजिता का जज्बा अब भी कायम है और सैकड़ों बच्चों को पोलो मैदान में ट्रेनिंग देकर उनमें प्रतिभा को पहचानने की कोशिश कर रही है।
महिला दिवस आने वाला है। इस मौके पर नक्सलियों के क्षेत्र से निकल कर पूरी दुनिया में अपने खेल के जरिए लोहा मनवाने वाली रंजीता से बातचीत की दैनिक भास्कर के संवाददाता ने, जहां उन्होंने सभी सवालों के खुलकर जवाब दिए। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें वे सारे सवाल-जवाब और देखें रंजीता की खास तस्वीरें...