पटना . समय समय की बात है। लालू प्रसाद को गांधी मैदान में परर्वितन रैली करने की इजाजत नहीं मिली। अब मई के पहले हफ्ते में इसे करने की तैयारी है। तैयारी नीतीश कुमार भी कर रहे हैं। उनकी रैली दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। वह कहते हैं: अभी से ही टिकट कटाकर रख लेना ठीक रहेगा। उधर, रामविलास पासवान ने देखा की सरकार जब विरोधीयों को गांधी मैदान नहीं दे रही है तो उन्होंने एक लाख लोगों का पटना की सड़कों पर मार्च निकालने की तैयारी कर ली। यह मार्च 14 अप्रैल को होगा।
रैली के जरिए राज्य में पक्ष-विपक्ष शाह और मात का खेल खेल रही हैं। सरकार के खिलाफ जिलों में घूम कर भीड़ जुटाने वाले राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने गांधी मैदान में परविर्तन रैला करने का ऐलान किया था। सात अप्रैल की तारीख इसके लिए तय हुई थी। पर जिला प्रशासन की ओर से इसकी अनुमत नहीं मिली। प्रशासन की ओर से बताया गया क उसी समय एक सरकारी कार्यक्रम होना है और मैदान खाली नहीं है। इस तरह राजद के रैली की तारीख अब नये सिरे से तय होगी। पार्टी प्रवक्ता रणधीर यादव कहते हैं: हम उम्मीद करते हैं क मई के पहले सप्ताह में रैली होगी। लेकनि इस बात की कोई गांरटी नहीं क तब राजद को रैली के लिए जगह मिली ही जाएगी। बिहार विधान सभा में प्रतिपक्ष के नता अब्दुल बारी सद्दिकी कहते हैं: विरोधी दल को रैली के लिए जगह नहीं देना सरकार के फासीवादी चेहरे को दिखाता है। सरकार जनता से डर रही है।
उधर, बिहार बचाओ यात्रा पर आज कशिनगंज पहुंचे रामविलास पासवान ने भास्कर डॉट कॉम से कहा: नीतीश सरकार के दिन करीब आ रहे हैं। विपक्षी दलों को रैली के लिए जगह नहीं देना सरासर गलत है। उनके मुताबकि अब तक 13 जिलों का वह दौरा कर चुके हैं। हर जगह अप्रत्याशति भीड़ हो रही है। लोग सरकार से ऊब गये हैं और मुक्ती चाहते हैं। वह कहते हैं: हम जहां भी गये, लोगों ने बताया क नीतीश सरकार में भ्रष्टाचार बढ गया है। पुलसि निरंकुश हो गयी है।
लोजपा को अगले महीने तक राज्य के सभी 38 जिलों में बिहार बचाओ रैली कर लेनी है। पार्टी महासचवि राघवेंद्र कुशवाहा ने बताया क 14 अप्रैल को हम पटना में एक लाख से अधिक लोगों का मार्च निकालेंगे। राजभवन को घेरेंगे और निरंकुश नीतीश सरकार को बर्खास्त करने की लोगों की भावना जाहिर करेंगे।
रैली को लेकर दोहरा मापदंड का नमूना यह है कि 15 अप्रैल को भाजपा की हुंकार रैली उसी गांधी मैदान में होने वाली है जहां विपक्षी दलों को कार्यक्रम की अनुमत नहीं दी जा रही है। भाजपा प्रवक्ता संजय मयूख कहते हैं: हमें रैली की अनुमति मिल गयी है। रैली की जोरदार तैयारी चल रही है। केंद्र के खिलाफ होने वाली रैली में लोगों की भारी भीड़ होने का अनुमान है। मालूम हो कि पिछले साल चार नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार की अधिकार रैली हो चुकी है। बिहार को विशेष दर्जे की मांग पर केंद्रीत रैली अब 17 मार्च को दिल्ली में होगी।
जदयू से अलग हुए राज्यसभा के पूर्व सदस्य उपेंद्र कुशवाहा को भी गांधी मैदान में रैली की इजाजत नहीं मिली। हालांकि जनवरी में अन्ना हजारे की जनतंत्र बचाओ रैली हुई थी। गांधी मैदान में जगह के लिए काफी कोशीश के बाद अन्ना को रैली की अनुमति मिली थी।