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प्राइवेट मुंशी रख वसूली कराता था करोड़पति दारोगा
अजय कुमार
| Feb 22, 2013, 15:25PM IST

पटना। ट्रांसपोर्ट विभाग के मोबाइल दारोगा ने वसूली का नायाब तरीका ईजाद किया था। उसने बहती गंगा में डूबकी लगाने के लिए एक प्राइवेट मुंशी को ही बहाल कर लिया था। दारोगा के पास सौ करोड़ की संपत्ति होने का अनुमान किया गया है जबकि उसके मुंशी के सिर्फ घर की कीमत तीन करोड़ आंकी गयी है।
विशेष आर्थिक अपराध यूनिट उस समय दंग रह गयी जब पता चला कि दारोगा मोहम्मद युनूस ने वसूली के लिए अपना एक प्राइवेट मुंशी रख लिया था। धृष्टता ऐसी कि मुंशी को पुलिस की वर्दी, बेल्ट और कंधे पर लगाने वाला फ्लैप भी मुहैया करा दिया गया था। ये सब चीजे आर्थिक अपराध यूनिट को मुंशी पवन के घर पर छापेमारी के दौरान मिली। पटना के गोला रोड में पवन के आलीशान बिल्डिंग पर जब यूनिट के दल ने धावा बोला तो पुलिस अधिकारी चकरा गये। उसकी कीमत तीन करोड़ आंकी जा रही है। टीम को पवन क तलाश थी मगर वह भाग गया था।
सूत्रों ने बताया कि दारोगा युनूस अपने साथ ही पवन को रखा करते थे। वह युनूस का भरोसेमंद था। युनूस अभी कैमूर में तैनात थे। पुलिस टीम को भरोसा है कि पवन महत्वपूर्ण कड़ी है और उसी के सहारे युनूस वसूली का कारोबार चलाते थे। यह भी पता किया जा रहा है कि पवन की तरह कुछ और प्राइवेट लोगों को तो नहीं रख लिया था? सूत्र ने कहा: इनका बेहद गहरा नेटवर्क काम कर रहा था। युनूस के यहां छापेमारी 20 फरवरी को हुई थी।
इधर, मोहम्मद युनूस के 30 बैंक एकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। उनका पटना के एक बैंक में एकाउंट था जबकि बाकी सभी खाते मुजफ्फरपुर में हैं। उनके पास से छापे में करीब 62 लाख रुपये नकद बरामद किये गये हैं। पुलिस को अनुमान है कि इस दारोगा के पास सौ करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति हो सकती है। मुजफ्फरपुर में 25 एकड़ जमीन, सिनेमा हॉल, ट्रेनिंग कॉलेज के स्वामी दारोगा के लड़के अलग-अलग कारोबार संभालते थे। टीम को खबर मिली है कि युनूस के पास जमीन की रजिस्ट्री के 100 डीड हो सकते हैं। इसके बारे में छानबीन की जा रही है।
गाड़ियों के शौकीन एक्जक्यूटिव इंजीनियर नागेश्वर शर्मा के पास से गाड़ियों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। उनके पास से 14 लाख की कीमत वाली एक और नयी गाड़ी बरामद हुई है। यह महिंद्रा की एक्सयूवी-500 मॉडल है। इसे नागेंद्र सिंह के नाम पर खरीदा गया है। उनके पास से दो बीएमडब्ल्यू, एक इनोवा, एक फाज्यरून, दो छोटी गाड़ी व चार मोटर सायकिल सहित 2.87 लाख नकद मिले थे। नागेवश्रर शर्मा पीएचईडी में समस्तीपुर में तैनात हैं। छापेमारी उनके पटना और समस्तीपुर सहित अन्य ठिकानों पर भी हुई थी। उनके पास से 20 लाख से अधिक निवेश के कागजात बरामद कि ये गये थे। निलंबित डीआईजी आलोक कुमार और आईओ के एक्जक्यूटिव इंजीनियर मिथिलश कुमार की संपत्ति का आकलन किया जा रहा है। आर्थिक अपराध थाने में इससे जुडी प्राथमिकी पहले ही दर्ज कर ली गयी है।







