संस्थान के डायरेक्टर दक्षिण भारतीय डॉ वी मुकुंद दास ने भास्कर डॉट कॉम से बातचीत में कहा: बिहार को लेकर बहुत तरह की बातें सुन रखी थीं। मन में डर भी था। पता नहीं क्या होगा? बिहार की छवि को लेकर मैं थोड़ा आशंकित था। इसके बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी बताया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि काम को शुरू करिए। फिर मैं यहां आ गया। यहां आने और करीब पांच वर्षो तक काम करने का अनुभव बेहतरीन रहा। यहां के टैलेंट और लोगों के जज्बे को सलाम करने का दिल करता है। राजनैतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस राज्य में अब तक किसी तरह के राजनैतिक दखलंदाजी का सामना नहीं करना पड़ा है। इसलिए मेरे सामने एक ही लक्ष्य है कि कैसे इस इंस्टीट्यूट के जरिये बिहार को नयी पहचान दिलायी जाए।