पटना। कोर्ट परिसर में जदयू की अधिकार रैली का मुन्ना शुक्ला ने पर्चा बांटा तो एक जदयू विधायक के भाई सतीश पांडेय जेल से कोर्ट जाने के बदले सीधे अपने घर ही पहुंच गया। सतीश पांडेय पर हत्या, रंगदारी और अपहरण के करीब चार दर्जन मामले दर्ज हैं। सीवान, गोपालगंज और छपरा के इस अपराधी के भाई अमरेंद्र पांडेय हैं जो जदयू के विधायक हैं।
बिहार की पुलिस बाहुबलियों और दबंगों के आगे किस प्रकार नतमस्तक हुई रहती है, इसका ताजा उदाहरण सतीश पांडेय का है। छपरा जेल मे बंद सतीश को गोपालगंज कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। रास्ते में गोपालगंज के मीरगंज में उसका घर है। वह वहीं ठहर गया। बाद में पुलिस को पता चला तो उसने सतीश को ले जा रही एस्कॉर्ट टीम के सात जवानों को सस्पेंड कर दिया।
छपरा के डीआईजी आलोक कुमार ने कहा कि बुधवार को इसकी जानकारी उन्हें मिली और तत्काल पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश दे दिया गया। ऐसा करना कानूनन गलत था। इस मामले में अलग से सतीश पांडेय के खिलाफ मुकदमा कायम होगा।