जेल में बंद कैदी तो पढ़ेंगे नहीं आप ही उन तक ये खबर पहुंचा दें!
Source: मनोरंजन कुमार | Last Updated 11:16(10/02/12)
पटना। अब बिहार की जेलों में खेल होगा। खिलाड़ी होंगे कैदी। कैदियों का तनाव कम करने और मानसिक सुकून पहुंचाने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। यह सोच अखिल भारतीय पुलिस खेलकूद प्रतियोगिता के सफल आयोजन के दौरान सामने आयी है।
डीजीपी अभयानंद ने बताया कि आने वाले समय में राज्य की जेलों में बंद कैदियों के बीच खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। एक जेल के कैदियों की दूसरे जेल के कैदियों से स्वस्थ प्रतियोगिता होगी ताकि उनका व्यवहार बदल सके और वे मुख्य धारा में लौट सकें। हालांकि अभी इस प्रतियोगिता का समय तय नहीं हुआ है। इसी वर्ष नवंबर महीने में पुलिस एथलेटिक्स का आयोजन भी बिहार में होने वाला है।
पुलिस गेम्स के माध्यम से जहां एक ओर पुलिसकर्मियों को मानसिक तनाव से मुक्त रखने का प्रयास किया गया वहीं जेलों के कैदियों के बीच खेल का आयोजन एक नेक प्रयास माना जा रहा है। इससे कैदी न सिर्फ जेल के एकाकीपन से बाहर निकलेंगे बल्कि आए दिन जेल के भीतर होने वाले खूनी संघर्ष पर भी विराम लग सकेगा। खेल प्रतियोगिता से कैदियों की मानसिक परेशानी तो दूर होगी ही उनके बीच आपसी सद्भाव भी बढ़ेगा।
वैसे तो जेल के भीतर खेलों का आयोजन किया जाता रहा है। लेकिन शायद यह पहला मौका होगा जब एक जेल के कैदी दूसरे जेल के कैदियों के साथ प्रतियोगिता करेंगे। अभयानंद के मुताबिक कैदियों के लिए कई तरह के खेलों को आयोजन किया जा सकता है जिसमें क्रिकेट, कबड्डी, खोखो आदि शामिल हैं। राज्य में आठ केंद्रीय कारा, 31 मंडल कारा और 15 उपकारा हैं। इसमें रहने वाले कैदियों की संख्या हजारों में है।