पटना। कभी पटना यूनिवर्सिटी में बतौर छात्र नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पूर्व मंख्यमंत्री लालू प्रसाद, राज्य के डिप्टी सीएम सुशील मोदी, राज्यसभा सदस्य शिवानंद तिवारी, केंद्रीय मंत्री रहे रविशंकर प्रसाद, सुबोध कांत सहाय, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, पूर्व विधायक सरयू राय, कांग्रेस नेताओं रामजतन सिन्हा और अनिल शर्मा पटना यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में भाषण दिया करते थे। इस कड़ी में और कई नाम हैं जो या तो राजनीति में हैं या किसी दूसरे क्षेत्र में।
इस प्रकार कैंपस की राजनीति से बिहार के सत्ता सिंहासन तक पहुंचने वाले राजनीतिज्ञों की भरमार है। कैंपस पॉलिटिक्स से अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। यह बात नयी पीढ़ी को नहीं मालूम होगी कि कभी पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष लालू प्रसाद तो महामंत्री सुशील मोदी हुआ करते थे। राजनीति में दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। कुछ छात्र नेता जज बन गये तो कुछ नौकरशाही में चले गये। कैंपस में आखिरी चुनाव 1983 में हुआ था। करीब 29 साल के अंतराल पर पटना यूनिवर्सिटी में चुनाव 11 दिसंबर को होने जा रहा है।
आइये तस्वीरों के जरिए जानते हैं, उन तमाम नेताओं के बारे में जिनकी बुनियाद छात्र राजनीति से शुरू हुई...