राजस्थान के पूर्व सरपंच की पटना में हत्या

पटना। राजस्थान के झुंझुनू जिले की चिड़ावा पंचायत समिति की भामरवासी पंचायत के पूर्व सरपंच राजबीर सिंह (44 वर्ष) की पटना में हत्या कर दी गई। रविवार को पटना पहुंचे परिजनों ने कबूतरबाज अनवर पर हत्या का आरोप लगाया है। राजबीर दो महीने से मीठापुर बस स्टैंड के पास प्रिंस गेस्ट हाउस में रह रहा था।
मृतक के चाचा सोहन सिंह ने बताया कि हाजीपुर के रहने वाले अनवर ने राजबीर के बेटे कमलसिंह और उसके चचेरे भाई अशोक सिंह को विदेश भेजने के एवज में साढ़े सोलह लाख रुपए एक साल पहले लिए थे लेकिन अनवर न तो लड़कों को विदेश भेज रहा था और न ही राजबीर को रुपए वापस कर रहा था। रुपए वापस लेने के लिए कई बार राजबीर पहले भी बिहार आया था लेकिन उसे पैसे नहीं मिले। उल्टे अनवर ने राजबीर को कई बार जान से मारने की धमकी भी दी थी।
शनिवार को मिला शव : राजबीर का शव शनिवार की दोपहर जक्कनपुर थाना क्षेत्र में सीपारा पुल के पास बरामद हुआ। प्रिंस गेस्ट हाउस के मालिक उमेश कुमार ने बताया कि राजवीर शुक्रवार की दोपहर गेस्ट हाउस से निकले। देर रात तक वापस नहीं लौटा। जिसकी जानकारी उमेश ने राजबीर की पत्नी को दी। शनिवार को सीपारा पुल के पास शव मिलने की जानकारी मिलने पर उमेश ने देखा की राजबीर का शव पड़ा है। उसने राजस्थान में राजबीर के घरवालों को इसकी सूचना दी और उसे पीएमसीएच लेकर पहुंचा। यहां डाक्टरों ने राजबीर को मृत घोषित कर दिया। रविवार को राजबीर के घरवाले फ्लाइट से पटना पहुंचे। पीएमसीएच में तैनात पीरबहोर थाना पुलिस ने परिजनों का फर्द बयान लिया है। घरवालों ने बालू में दबाकर हत्या की बात कही है।
दो दिन पहले की थी पत्नी से बात
मूलत: बगड़ थाना क्षेत्र के इकतावरपुरा के रहने वाले राजबीर 1995 से 2000 तक गांव का सरपंच रहे थे। दो दिन पहले गांव में उन्होंने पत्नी से बात की थी। पिता आशूसिंह शेखावत सेना में केप्टन थे। राजबीर काफी समय से युवाओं को नौकरी के लिए विदेश भेजा करते थे। उनके मार्फत भेजे कई युवक इटली और जर्मनी में रोजगार कर रहे हैं। रविवार सुबह ही पटना से एक कांस्टेबल से राजबीर की मौत के बारे में सूचना मिली। तब परिजन जयपुर होते हुए पटना के लिए रवाना हुए।
राजस्थान आया था अनवर
राजबीर के बड़े भाई महेन्द्र सिंह ने बताया कि अनवर एक साल पहले राजस्थान आया था। उसने बताया था कि वह लोगों को काम के लिए विदेश भेजता है। बच्चों को इंग्लैंड भेजने के लिए अनवर को साढ़े सोलह लाख रुपए दिए गए थे।








