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बोलबम : हिलोरे लेने लगीं बाबा के दर्शन की उमंगें

सत्यप्रकाश | Jun 28, 2012, 09:19AM IST
 
 

सुल्तानगंज। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने में मात्र पांच दिन शेष हैं। शिवभक्तों के मन में बाबा के दर्शन की उमंगें हिलोरे लेने लगी हैं। तीन जुलाई को पूर्णिमा है। आषाढ़ पूर्णिमा के अगले दिन यानी 4 जुलाई से श्रावणी मेला प्रारंभ हो जाएगा। सावन का पहला सोमवार 9 जुलाई को है। पहली सोमवारी को जलाभिषेक के लिए देशभर से शिवभक्तों की भीड़ उमड़ेगी। एक माह तक चलने वाले इस मेले में अब हर रोज कांवरियों की भीड़ लाख की संख्या पार कर जाती है। सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरने के बाद 'बोल बम' के जयकारे के साथ कांवरिये नंगे पांव देवघर की यात्रा पर बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक के लिए निकल पड़ते हैं। हर साल कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बार भी सुल्तानगंज से जल उठानेवाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है, पर प्रशासन की तैयारियां सिर्फ फाइलों और दावों तक ही सीमित है। जिला प्रशासन सजग नहीं दिखता। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत पूरे सुल्तानगंज की स्थिति मेले के लिए तैयार नहीं दिखती।



जमालपुर। कांवरियों को शुद्ध पेयजल, दवा एवं शौचालय, सुरक्षा, साफ-सफाई की सुविधा मुहैया कराने को लेकर रेलवे ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। रेलवे के यातायात विभाग व स्थानीय रेल अधिकारियों को कांवरियों को हर संभव सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। रेलवे ने चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने को लेकर पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था की है। वहीं, कांवरियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ का सुरक्षा दस्ता तैनात करने की व्यवस्था किया है। एडीआरएम रजनीश गुप्ता ने इसको लेकर सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। एडीआरएम ने किऊल से सुल्तानगंज के सफर में यात्रियों को ट्रेन की छत पर यात्रा न करने की हिदायत दी। जमालपुर व बरियारपुर स्टेशन के बीच बने रेलवे सुरंग छत पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।



मुंगेर। डीएम कुलदीप नारायण ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान मुंगेर जिला में कुल 26 किलोमीटर की दूरी कांवरिया तय करते हैं। जिला की सीमा में कांवरियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर 25 जगहों पर स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। सभी स्वास्थ्य केंद्र पर 24 घंटे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहेंगे। आवश्यक दवाइयां भी कांवरियों को नि:शुल्क मुहैया करायी जायेगी। जिला की सीमा में प्रत्येक दो किलोमीटर की दूर पर एक सूचना केंद्र भी रहेगा। जहां से कांवरियों के परिजनों के बिछडऩे सहित अन्य सूचनाएं नियमित रूप से प्रसारित की जाएंगी।कांवरिया पथ पर पर्याप्त संख्या में शौचालय और स्नानघर भी बनाए जा रहे हैं ताकि ने के निर्देश दिये. ताकि, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. डीएम ने कहा कि सुल्तानगंज से चलने वाले डाक बम को कुमरसार में तिथि एवं समय अंकित कराकर आगे की यात्रा करनी होगीत्न



एक हजार करोड़ का है अर्थशास्त्र



सुल्तानगंज से गंगा जल उठाने वाले कांवरियों की संख्या एक महीने में 30 लाख के करीब पहुंच जाती है। इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। इस तरह सिर्फ श्रावणी मेले में पांच सौ करोड़ की खरीदारी इन वस्तुओं की होती है। इसके अलावा रास्ते में चाय, ठंडे पेय, खाद्य आदि पर भी प्रति कांवरिया चार से पांच दिन में कम से कम 3-400 रुपए खर्च आता है। देवघर में जलाभिषेक के बाद पेड़ा, चूड़ी, सिंदर और अन्य सामग्री की कम से कम इतने की ही खरीदारी की जाती है यानी श्रावणी मेले का अर्थशास्त्र कुल मिलाकर एक हजार करोड़ से ऊपर का होता है।



नये कांवरिया पथ से सुल्तानगंज-देवघर की दूरी 90 किमी



सुल्तानगंज से झारखंड के देवघर की दूरी 105 किमी है, लेकिन राज्य सरकार ने कांवरियों की सुविधा में ध्यान रख कर नया कांवरिया पथ बनवाया है। अब यह दूरी घटकर 90 किमी कर हो गई है। इसमें सबसे ज्यादा पथ बांका में 60 किलोमीटर, भागलपुर में 10, मुंगेर में 10 और देवघर जिलों में 10 किमी दूरी तय करनी है। इस पथ को ठीक करने के लिए प्रशासन प्रयत्नशील भी है। मार्ग पर लगी जेसीबी यह तो बता रही है कि कार्य प्रगति पर है, पर इस बात की गारंटी लेनेवाला कोई नहीं है कि कार्य कब पूरा हो जायेगा। हां, समय पूर्व कर लेने का सिर्फ दावा जरूर किया जा रहा है। सुल्तानगंज से असरगंज के बीच पडऩेवाले तीनों लकड़ी के पुल के हालात बेहद जर्जर हैं। नया पुल पिछले पांच सालों से बन रहा है।



गंदगी से अटा पड़ा है शहर



रेलवे स्टेशन और बस अड्डों की साफ-सफाई पर बुधवार तक भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। जहां-तहां फैली गंदगी और कूड़े से अटा पड़ा है शहर। ऐसे में श्रद्धालुओं को गंदगी लांघकर इस बार जल भरने को विवश होना पड़ेगा। श्रद्धालु रेलवे स्टेशन, सरकारी व प्राइवेट बस पड़ाव से उतर कर जल भरने के लिए उत्तरवाहिनी गंगा की ओर जाते हैं। रेलवे स्टेशन परिसर, प्लेटफार्मों व इसके बाहर कूड़ों का अंबार व बदबूदार गंदगी फैली हुई है। कमोबेश दोनों बस अड्डों की भी यही स्थिति है।




बोले अधिकारी



रेलवे स्टेशन, बस अड्डों सहित बाजार के प्रमुख स्थानों से गंदगी को साफ करने के लिए कर्मचारियों को लगा दिया गया है। अगले दो-तीन दिनों में तमाम जगहों से गंदगी को हटा लिया जायेगा। कर्मचारी गंदगी को हटाने के बाद समूचे बाजार में ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव भी करेंगे।


सुनील कुमार, सिविल एसडीओ, भागलपुर



असरगंज (मुंगेर)। इस बार कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सड़क मरम्मत की औपचारिकता निभाई जा रही है। सड़क के किनारे बाएं भाग में मिट्टी डालने का कार्य शुरू किया गया है। वहीं, सड़क की मरम्मत के नाम पर बड़े-बड़े गड्ढों में केवल पत्थर डाल कर हल्की-हल्की मिट्टी बिछाई जा रही है। सड़क पर और सड़क किनारे मिट्टी डालने में जमकर अनियमितता बरती जा रही है। बारिश के साथ ही सड़क पर डाली गई मिट्टी बह जा रही है। ऐसे में एक ओर मिट्टी डाली जा रही है, तो दूसरी ओर फिर से सड़क में गड्ढे नजर आने लगते हैं।



इधर, स्थानीय लोगों ने भी कच्ची पथ पर मिट्टी डालने के कार्य में संवेदक द्वारा अनियमितता बरतने जाने का आरोप लगाया है। लोगों ने डीएम कुलदीप नारायण से मिट्टी कार्य की जांच कर संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
 
 
 

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