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लौट रहा 'जंगल राज', फिर लहलहाने लगी अपराध की खेती!

अजय कुमार। | Dec 19, 2012, 13:38PM IST
लौट रहा 'जंगल राज', फिर लहलहाने लगी अपराध की खेती!
पटना। बिहार की हाल की आपराधिक घटनाएं बताती हैं कि सूबे में न सिर्फ अपराध बढ़ रहा है बल्कि यह भी कि सत्ता से जुड़े लोग कानून को हाथ में लेने से परहेज नहीं कर रहे हैं। उन्हें पता है कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगा। दूसरी ओर, आम लोग अपराधियों का दबाव महसूस कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों पर अब न तो पुलिस का खौफ है और न ही स्पीडी ट्रायल का। स्पीडी ट्रायल के जरिये करीब 75 हजार अपराधियों को सजा दिलाने का पुलिस महकमा दावा करता है।

 
एक नजर कुछ हालिया आपराधिक घटनाओं पर 
 

> भाजपा विधायक राममप्रवेश राय के बेटे ने की फायरिंग, कोर्ट ने जारी किया वारंट।
> जदयू विधायक रामचंद्र सदा के बॉडीगार्ड ने नशे की हालत में की रिवाल्वर चमकायी।
> मधुबनी में प्रोफेसर की हत्या।
> बेगूसराय में स्क्रैप व्यापारी की अपहरण के बाद हत्या।
> दसवीं के छात्र आशीष की बांका में अपहरण के बाद हत्या।
> गोपालगंज में बीडीओ के चैंबर में घुसकर मुखिया पति को एके 47 से भूना.

 
 
हत्या और लूट की घटनाओं में अप्रत्याशित इजाफा
 
 
हाल फिलहाल अपहरण, हत्या और लूट की घटनाओं में अप्रत्याशित इजाफा हुआ है। बांका में संत जोसेफ स्कूल में दसवी के छात्र आशीष के अपहरण और उसकी हत्या ने उन दिनों की याद ताजा कर दी जब स्कूली बच्चे सरेराह उठा लिये जाते थे। आशीष का अपहरण 29 नवंबर को हुआ था। अपहर्ताओं ने उस के एवज में पांच लाख फिरौती की मांग की। पुलिस उसे तलाशने की बात करती रही। लेकिन मिला आशीष का शव। इससे नाराज लोगों ने बांका बंद किया। एसपी विकास वर्मन का कहना है कि आशीष को उसके जान-पहचान के लोगों ने ही अगवा कर लिया था। सरकार में शामिल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस बंद में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया।
 
अभी यह मामला लोगों के दिमाग में छायाही था कि बेगूसराय में स्क्रैप व्यापारी संजीव कुमार सिंह को बदमाशों ने उठा लिया। उनके परिजनों ने पुलिस को शिकायत की। पर कुछ नहीं हुआ। अपहरण के पांचवे दिन जब इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस जब तक संजीव को तलाश पाती, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अपहरण के एक सप्ताह बाद उनका शव बरामद किया गया। इससे नाराज लोगों ने पुलिस के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया।
 
एक जिला, साल दो और चार मुखियाओं की हत्या
 
बीते शुक्रवार को औरंगाबाद में खुदवां पंचायत के मुखिया राज कुमार ठाकुर की निर्मम तरीके से ईंट-पत्थरों से सिर कुचल कर हत्या कर दी गयी। पुलिस हत्या के कारणों की तलाश कर रही है। औरंगाबाद जिले में बीते दो सालों में चार मुखियाओं की हत्या हो चुकी है। गोपालगंज में मंगलवार को चार बाइक सवार अपराधियों ने बीडीओ के चैंबर में घुसकर माझा इमिलिया पंचायत की मुखिया पूनम तिवारी के पति अमोद तिवारी को गोलियों से छलनी कर दिया। 
 
मधुबनी में डकैती के दौरान अपराधियों ने आरके कॉलेज के प्रोफेसर लक्ष्मण सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। विरोध करने पर उनके परिजनों को पीटा गया। बक्सर जिले के डुमरांव में डकैती की वारदात हुई। इसी जिले के ब्रह्मपुर में बदमाशों ने बोलेरो गायब कर दिया और उसके मालिक की हत्या कर दी। बताया जाता है कि सुरेंद्र यादव नामक नौजवान खुद भाड़े पर बोलेरो चलाता था। इससे नाराज लोगों ने सडक़ जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसी प्रकार दरभंगा में लूटपाट के दौरान मिश्र टोली में मनोज की गला रेतकर हत्या कर दी। जबकि बीते रविवार को हथियारबंद अपराधियों ने मुजफ्फरपुर के रौतनिया में एक पेट्रोल पंप पर दिन दहाड़े धावा बोलकर छह लाख रुपये लूट लिये।

 
 
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