'नहीं है तीसरे मोर्चे की कोई गुंजाइश, एफडीआई की पुरजोर वकालत'

पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा है कि अगला लोकसभा चुनाव सेक्यूलर बनाम कम्युनल कम्पार्टमेंट के बीच होगा। तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को खारिज करते हुए लालू ने कहा, थर्ड फ्रंट का कोई चांस नहीं है। न तीसरा मोर्चा बनेगा..। शनिवार को पटना स्थित अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए लालू ने कहा कि लोकसभा चुनाव समय पर होंगे। इसमें कोई किंतु-परन्तु नहीं है। गुजरात चुनाव के बाद कन्फ्यूजन समाप्त हो जाएगा।
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की ओर से अगले लोकसभा चुनाव बाद प्रधानमंत्री पद पर निर्णय के बारे में लालू प्रसाद ने कहा कि दाल में काला है। जब सब नेता बोल दिए कि नरेंद्र मोदी ठीक हैं तो फिर उम्मीदवार की घोषणा क्यों नहीं। बहुमत में आने पर भाजपा उन्हें ही प्रधानमंत्री बना देगी।
रघुवंश ने की कांग्रेस की मदद : रिटेल में एफडीआई की जोरदार वकालत करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि बड़े-बड़े विदेशी मार्ट में हाईजीनिक सामान मिलेगा। जो हमलोग उपभोग कर रहे हैं, वह हाईजीनिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां नकली सामान मिलता है। एफडीआई स्टोरों की तरफदारी में लालू ने कहा-पूरी दुनिया में चीन ने मार्केट बना लिया है। सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा एफडीआई पर वोटिंग के बहिष्कार का बचाव करते हुए लालू ने कहा कि सपा-बसपा की तरह उन्होंने भी बहिष्कार कर कांग्रेस की मदद की।
विधानसभावार आंदोलन
परिवर्तन रैली से मिले रिस्पांस से उत्साहित लालू प्रसाद ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में नीतीश सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की। मनरेगा से लेकर संविदा शिक्षकों, वित्त रहित शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, दीदी आदि के मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की बात कही। साथ ही बूथ से लेकर राज्य स्तर तक कमेटी मजबूत करने पर जोर दिया। सांसदों-विधायकों एवं पार्टी पदाधिकारियों की इस बैठक में लालू को छोड़ तीनों लोकसभा सांसद नदारद थे। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत अधिकांश एमएलए, एमएलसी ने बैठक में हिस्सा लिया। विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी पटना के बाहर रहने के कारण नहीं आ सके।
छात्र राजनीति की याद
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के बारे में पूछे जाने पर लालू अपनी छात्र राजनीति की यादों में खो गए। उन्होंने कहा कि वे लोग शिक्षकों का रिस्पेक्ट करते थे। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के पहले चुनाव में महासचिव और फिर अध्यक्ष बनने की यादें ताजा कीं। सांसद शिवानंद तिवारी से मिली मदद को याद किया। उन्होंने छात्र संघ चुनाव को राजनीति का ट्रेनिंग सेंटर बताया।







