हुआ कुछ गजब सा, जब इन लड़कियों ने सीखने शुरू किए कराटे!

पटना। पटना के इगल अपार्टमेंट के टॉप फ्लोर में करीब 150 लड़कियां रोज शाम जुटती हैं। कराटे का निशुल्क प्रशिक्षण लेने के लिए। इससे ना सिर्फ उनका आत्मबल बढ़ा है, बल्कि 'मैनपुरा' की छवि भी सुधरी है। कभी यह छेडख़ानी और महिला उत्पीडऩ के लिए बदनाम था। अब ये लड़कियां विरोध करने लगी हैं। शरारती तत्व इनके आसपास नहीं फटकते।
यह तब्दीली स्वयंसेवी संगठन 'द रिलीफ' के प्रयास से आई है। संगठन मैनपुरा, आनंदपुरी, बोरिंग कैनाल रोड और एसके पुरी की करीब 150 छात्राओं को कराटे में पारंगत करने में जुटा है। अधिकतर लड़कियां अल्पसंख्यक, दलित, महादलित और पिछड़े वर्ग की हैं।
'द रिलीफ' से जुड़ी जेबा तस्लीम कहती हैं कि मोहल्ले में छेडख़ानी की घटनाएं देखकर लड़कियों को कराटे सिखाने की इच्छा हुई। पति मोहम्मद इरशाद आलम ने उनकी मदद की। पहले पांच लड़कियां कराटे क्लास में आईं। अब हालत यह है कि क्लास को दो शिफ्ट में चलाने पर विचार हो रहा है। वे अब यह अभियान पूरे बिहार में चलाना चाहती हैं।








