बेटा ही निकला सौतेली मां व बहनों का कातिल
पटना। पटना में तिहरे मर्डर केस का खुलासा हो गया हैै। इस हत्याकांड को सौतेले बेटे ने अंजाम दिया। पटना के सीनियर एसपी अमृत राज ने हत्याकांड पर से पर्दा उठाते हुए रविवार की देर रात बुलायी गयी प्रेस कांफ्रेंस में इसका रहस्योद्घाटन किया। हत्यारा बेटा देवेश उर्फ रिंटू अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। शनिवार की सुबह पाटलिपुत्र के इंद्रपुरी इलाके के एक घर से तीन महिलाओं के शव मिलने से सनसनी फैल गयी थी।
पुलिस के अनुसार दिल्ली में प्रोपर्टी डीलर का काम करने वाले गोपाल शरण सिंह के बेटे रिंटू 13 दिसंबर को पटना पहुंचा। अगले दिन उसने अपने पिता को दिल्ली चलने के लिए राजी कर लिया। पर यह बात गोपाल शरण सिंह ने अपनी पत्नी अनीला सिंह को नहीं बतायी। सिंह की अनीला से दूसरी शादी थी। रिंटू ने अपनी सौतेली मां अनीला के साथ-साथ सोनालिका व पूर्णिमा को भी सिर कुचल कर मार डाला।
14 दिसंबर को गोपाल शरण सिंह दिन में ही घर से बाहर चले गये। इधर, रिंटू घर में था। दोनों बेटियां स्कूल चली गयी थीं। मौका देखकर रिंटू ने अनीला सिंह के सिर पर हथौड़ी से वार कर उनकी जान ले ली। सुबह के 11 बजे स्कूल से आने पर पूर्णिमा को मार डाला और दोपहर बाद सोनालिका लौटी तो उसे भी सिर प्रहार कर मार डाला। इस तरह तीनों की हत्या करने के बाद वह घर से बाहर निकला और रास्ते में पिता को लेकर स्टेशन चला आया।
गोपाल शरण सिंह और रिंटू दिल्ली जाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस पर सवार हुए तो सिंह ने घर पर बात करने की कोशिश की। लेकिन रिंटू ने अपने पिता से फोन ले लिया और हत्या की बात बता दी।
सीनियर एसपी के इस खुलासे के वक्त गोपाल शरण सिंह भी मौजूद थे। वह आज देर शाम दिल्ली से पटना पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को इस हत्याकांड का सूत्रधार रिंटू को बताया। पुलिस ने सिंह हिरासत में रखा है। इस हत्याकांड में उनकी भी भूमिका की छानबीन की जा रही है। माना जा रहा है कि अब रिंटू की गिरफ्तारी से गोपाल शरण सिंह की भूमिका साफ होगी। सिंह बिहार सरकार के एक लोक उपक्रम में अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं। सोमवार को तीनों शवों का अंतिम संस्कार होगा।
इस हत्या के पीछे शक की सुई अपनों के आसपास घूम रही थी। बताया जाता है कि रिंटू ने संपत्ति को लेकर जघन्य काम कर दिया।






