पटना। विशेष न्यायालय अधिनियम के तहत राज्य के पूर्व डीजीपी नारायण मिश्रा की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी हुआ है। देश में यह पहला मामला है जब किसी राज्य में पुलिस के सबसे बड़े पद पर रह चुके अधिकारी की संपत्ति जब्त करने का आदेश हुआ है।
विजिलेंस के स्पेशल जज रमेश चंद्र मिश्रा ने यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि नारायण मिश्रा आय से अधिक संपत्ति का स्त्रोत नहीं बता पाए। ऐसे में उनकी संपत्ति जब्त होनी चाहिए। मिश्रा को एक महीने में अपनी संपत्ति पटना डीएम को सौंपने का आदेश दिया गया है। साथ ही कहा गया कि अगर एक महीने में संपत्ति नहीं मिलती है तो उसे जब्त कर लिया जाए।
एक करोड़ 40 लाख से ज्यादा का मामला:
वर्ष 2007 में पूर्व डीजीपी नारायण मिश्रा के घर छापेमारी हुई थी। जिसमें उनके खिलाफ आय से अधिक एक करोड़ 40 लाख 56 हजार रुपये अर्जित करने का मामला संज्ञान में आया था। इसमें रूकनपुरा में भव्य मकान, कई स्थानों पर प्लॉट और बैक खातों की जानकारी मिली थी। नारायण मिश्रा 31 मार्च 2004 से मई 2005 तक बिहार के डीजीपी रहे थे। वहीं उनकी पत्नी कंचन मिश्रा अनुसार उनके पति को पूर्व डीजीपी आशीष रंजन सिन्हा के इशारे पर फंसाया गया है।
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