पटना। साल 2012 बिहार और गुजरात के सत्ताधारी दलों के बीच बयानों की तपिश के लिए भी याद किया जाएगा। यह ऐसी तपिश है जिसकी आंच आने वाले सालों में न सिर्फ महसूस की जाएगी बल्कि इसके सियासी इम्पैक्ट भी दिखेंगे। वास्तव में यह लड़ाई नीतीश बनाम नरेंद्र मोदी की हो गयी है।
राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि 2014 के लोकसभा चुनाव तक नरेंद्र मोदी को लेकर राजनीति गरमाती रहेगी। राज्य के मौजूदा राजनीतिक- सामाजिक समीकरणों में नरेंद्र मोदी जदयू यानी नीतीश कुमार के लिए सहज नहीं हैं। आखिर क्या है वजह?
आइये इसके बारे में आगे की स्लाड्स में कुछ अहम वजहों पर डालते नजर: