ताजमहल-
सच्चे प्यार की निशानी के रूप में मशहूर है ताजमहल। व्हइट मार्बल से बने इस इमारत को चांदनी रात में देखने का अलग ही एहसास है। मुगल बादशाह शाहजहां ने इसे अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनाया था। 1632 में शुरू होने के बाद इसका काम 22 साल तक चलता रहा। उस समय(1653) के हिसाब से इसमें लगभग सवा तीन करोड़ रुपए खर्च हुए थे।