सुपर-रिच पसंद है रॉल्स रॉयस

रॉल्स रॉयस मोटरकार का फेमस ब्रांड है और पहले भारत के महाराजा इसकी सवारी के लिए जाने जाते थे। इस समय बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन, आमिर खान और संजय दत्त के पास रॉल्स रॉयस मौजूद है।
रॉल्स रॉयस सिर्फ उनको मिलती है जिनकी सोसाइटी में बहुत धाक और पैसा हो, रीसेंट में मल्लिका इस कार के शो रूम पहुंचीं थीं पर उन्हें खाली हाथ वापस आना पड़ा था।
राल्स रॉयस दुनिया की सबसे मंहगी कारों में से एक है। इस कार कंपनी की स्थापना 1906 में हुई थी। इन दिनों रॉल्स रॉयस की बिक्री दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में कार निर्माताओं का कहना है कि पिछले वर्ष उनके कारों की बिक्री 105 सालों में सबसे अधिक रही। साल 2011 में 3538 रॉल्स रॉयस कार बिकीं, जिससे उनकी बिक्री में 31 फ़ीसद का इज़ाफ़ा हुआ। इससे पहले, रॉल्स रॉयस की सबसे ज़्यादा बिक्री साल 1978 में हुई थी जब 3347 कारें बेची गई थीं।
जानें रॉल्स रॉयस के बारे में कुछ और दिलचस्प बातें
पहले बेंटले और रॉल्स रॉयस एक ही कंपनी के हिस्से थे। कारों के ये दोनों ब्रांड एक दशक पहले तब अलग हो गए जब जर्मनी की कार निर्माता कंपनी फ़ॉक्सवैगन समूह ने उस कारख़ाने का अधिग्रहण कर लिया जहां बेंटले बनाई जाती थीं।
रॉल्स रॉयस की कम क़ीमत वाले मॉ़डल 'घोस्ट' की भारी मांग है। जानकार कहते हैं कि कंपनी 'घोस्ट' का एक और मॉडल बाज़ार में लाने की तैयारी में है जिससे बिक्री में और इज़ाफ़ा होगा।
हाल के सालों में रॉल्स रॉयस की मांग जर्मनी और रूस जैसे देशों में भी बढ़ी है और बीते सालों वहां जमकर बिक्री हुई।
पिछले साल इस कार का बाज़ार एशिया प्रशांत क्षेत्र में 47 प्रतिशत, ब्रिटेन में 30 फ़ीसद और मध्य-पूर्व में 23 प्रतिशत बढ़ा।
अमरीका के बाद चीन उसका अहम बाज़ार बनता जा रहा है हालांकि कंपनी पूरे आंकड़े देने को तैयार नहीं है जिससे पता चल सके कि वहां उसके कितने कार बिके।





