लंबे समय बाद ट्विटर पर वापस आया 'डॉन'!

शाहरुख ट्विटर पर रेग्युलर थे लेकिन मार्च में वे अचानक इससे गायब हो गए। आईपीएल क्रिकेट सीरीज जीतने के बाद उन्होंने इस साइट पर कमबैक किया।
पूर्व में ट्विटर से गायब होने का कारण उन्होंने बताया था कि 'जब मैं अपना पक्ष रखता हूं तो कुछ लोग अनाप-शनाप कमेंट्स देते हैं। यह बात मुझे अच्छी नहीं लगती। साइट पर लिखना बहुत आसान है। जिन्हें कहना है मेरे सामने आकर कहें।'
अब लगता है कि जीत की खुशी में शाहरुख ने सारे गिले-शिकवे भुला दिए हैं!
जानिए शाहरुख खान के बारे में...
बॉलीवुड किंग, लाखों करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुके शाहरुख खान आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग उनकी फैन लिस्ट में शामिल हैं। खासतौर पर आज के युवा वर्ग पर उनका जादू सर चढ़कर बोलता है। एक सुपरस्टार के रूप में उन्हें मिली यह पहचान महज संयोग की बात नहीं है। इस सफलता के पीछे छिपी है उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष।
प्रतिभा के धनी शाहरुख का जन्म 2 नवंबर 1965 में नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता ताज मोहम्मद खान एक स्वतंत्रता सेनानी थे और उनकी मां का नाम फातिमा था। शाहरुख अपने आप को गुड लुकिंग नहीं मानते हैं, लेकिन उनकी स्माइल और डिंपल उनके ट्रेडमार्क बन चुके हैं।
अपने अभिनय के द्वारा सफलता के झंडे गाड़ने वाले शाहरुख ने अपनी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के सेंट कोलम्बा स्कूल से की। पढ़ाई के साथ-साथ शाहरुख खेल व नाट्य कला में भी काफी अच्छे थे। स्कूल की तरफ से उन्हें 'सॉर्ड ऑफ ऑनर' से भी नवाजा गया जो प्रतिवर्ष स्कूल के सर्वश्रेष्ट विद्यार्थी और खिलाड़ी को दिया जाता है। इसके बाद उन्होंने हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र की डिग्री एवं जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन की मास्टर्स डिग्री हासिल की।
शाहरुख को बचपन से ही अभिनय का शौक था। बचपन में वे रामलीला में एक बंदर का रोल निभाया करते थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद शाहरुख ने अभिनय की शिक्षा प्रसिद्द रंगमंच निर्देशक बैरी जॉन से दिल्ली के थियेटर एक्शन ग्रुप में हासिल की। शिक्षक बैरी जॉन शाहरुख की सफलता का सारा श्रेय शाहरुख को ही देते हैं, लेकिन शाहरुख अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने प्रशंसकों और उनसे मिले प्यार को देते हैं।
अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद शाहरुख दिल्ली छोड़ मुंबई में आ बसे। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत फौजी नामक एक सीरियल से की। 80 के दशक में उन्होंने कुछ सीरियल्स किए जिनमें फौजी और सर्कस मुख्य हैं।
यूं तो शाहरुख को हेमा मालिनी ने अपनी फिल्म 'दिल आशना है' के लिए साइन किया था, लेकिन 'दीवाना' पहले रिलीज हुई, इसलिए उनकी पहली फिल्म इसे ही माना जाता है। 1992 में राजकंवर के निर्देशन में बनी 'दीवाना' बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसी फिल्म के बाद शाहरुख को इंडस्ट्री में पहचान मिली।
इस फिल्म में अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। डर, अंजाम और बाजीगर में नकारात्मक किरदार निभा कर उन्होंने काफी नाम कमाया। 1995 में यश चोपड़ा की डीडीएलजे से उनकी रोमेंटिक छवि को बल मिला और उनकी इस छवि ने शाहरुख को रोमांस के बादशाह के रूप में बॉलीवुड में स्थापित कर दिया।
मेहनत और लगन से काम करने के अलावा शाहरुख रिस्क लेने से भी कभी पीछे नहीं हटते। हाल ही में उन्होंने अपने बैनर तले भारत की सबसे महंगी फिल्म माने जाने वाली रा.वन का निर्माण किया।
शाहरुख ने बिल्कुल फिल्मी कहानियों की तरह उसी लड़की 'गौरी' से शादी की जिससे वे बचपन से प्यार करते थे। गौरी के प्रेम में शाहरुख एक बार घर से मुंबई भाग आए थे, क्योंकि गौरी अपने परिवार के साथ मुंबई आई हुई थीं।







