पॉलिटिक्स में आना मेरी गल्ती थी-संजय दत्त।

हाल ही में एक इंटरव्यू में संजय दत्त ने ये स्वीकार करते हुए कहा कि पॉलिटिक्स में जाना एक गल्ती थी। पॉलिटिक्स के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो एक दूसरी ही दुनिया है जिसमें एक्टर्स पूरी तरह फिट नहीं होते। कम से कम संजय ने अपनी बात ईमानदारी से कही जो रेयर है।
उन्होंने कहा कि पॉलीटिक्स बहुत अजीब है, कुछ लोगों को ये नेम और फेम कमाने का ज़रिया लगती है और कुछ लोग कोई वजह ना होने के बावज़ूद इससे दूर भागते हैं। रितेश देशमुख के पिता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे फिर भी रितेश बॉलीवुड में आए। मुझे पॉलीटिक्स पसंद है क्योंकि मैं बचपन से इसके करीब रहा हूं। पर हाल फिलहाल मैं सारा ध्यान एक्टिंग पर लगा रहा हूं।
राम गोपाल वर्मा बड़ी ईमानदारी से कहते हैं कि मैं कभी पॉलीटिक्स में नहीं जाऊंगा। पॉलीटिक्स की बात पर शाहरुख कहते हैं कि पॉलिटिक्स एक फुल टाइम जॉब है। मैंने अपने करियर में इतने साल बिताए हैं पॉलिटिक्स में जाने का तो सवाल ही नहीं उठता।
अजय देवगन कहते हैं कि मैंने पॉलिटिक्स के बारे में कभी सोचा ही नहीं क्योंकि मैं इस क्षेत्र के लिए बना ही नहीं हूं, मैं वहां कुछ मैनेज भी नहीं कर पाऊंगा।
बॉलीवुड के कुछ कलाकार पॉलीटिक्स में हाथ आज़मा के कभी पॉलिटिक्स में वापस ना आने कि कसम खा चुके हैं।
पर यहां ऐसे भी नाम हैं जो पॉलिटिक्स में लगातार अपना काम करने की कोशिश कर रहे हैं इन लोगों में हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, जया प्रदा, राज बब्बर जैसे नाम शामिल हैं।





