साथ का संबल:आत्मविश्वास से रचा इतिहास, ये हैं ओबामा की जीत की सूत्रधार
dainikbhaskar.com
| Mar 08, 2013, 11:22AM IST

वर्ष 2008 के राष्ट्रपति चुनाव हों, या 2012 में ओबामा की दूसरी जीत, मिशेल हर कदम उनके साथ रहीं।
मिशेल की मौजूदगी ने ओबामा के व्यक्तित्व को और निखार दिया। उन्हें एक सशक्त राष्ट्रपति बनाने और उनकी काबिलियत दुनिया को दिखाने का माद्दा केवल मिशेल में ही है।
सितंबर 2012 को हुए डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में ओबामा की आर्थिक, स्वास्थ्य नीतियों के दोष गिनाए जा रहे थे। तब मिशेल ने बताया कि कोई नीति भी बनाते वक्त बराक उसका असर पहले खुद पर, अपने परिवार पर देखते हैं।
बकौल मिशेल, बराक के पिता जॉब करते थे, वहीं उनकी दादी बैंक कर्मचारी थीं। उन्होंने खुद नौकरी की है, इसलिए वर्किग क्लास की दिक्कतें उन्हें पता हैं और इसी को ध्यान में रखकर वह पॉलिसी बना रहे हैं।
मिशेल की इस स्पीच ने उन्हें सीधा आम जनता के दिल में बसा दिया और ओबामा की जीत भी सुनिश्चित कर दी। खुद बराक इस बात को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि आज वे जो
कुछ भी हैं, मिशेल की बदौलत हैं।






