Toolbar
Mobile Apps
ई-पेपर
1) आनंद 'बाबूमोशॉय, जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ है जहांपना। उसे ना तो आप बदल सकते हैं ना मैं। हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां है जिनकी डोर ऊपरवाले की उंगलियों में बंधी है। कब कौन कैसे उठेगा कोई नहीं जानता.. हाहाहाहहा