बॉलीवुड के बहुत कम परिवार आपको ऐसे मिलेंगे जिसमें पूरा परिवार ही जैसे एक शख्सियत हो। कहने का मतलब ये है कि इनके परिवार का लगभग सदस्य स्थापित है। यह जानना वाकई दिलचस्प है कि हरिवंश राय जी और अमिताभ के रिश्ते कैसे होंगे। हरिवंश राय जी को लिखने का इतना शौक था तो परिवार के बाकी लोग इससे किस तरह का जुडाव महसूस करते होंगे। आपको बता दें कि हरिवंश राय जी सारे अवसरों पर परिवार वालों को कविताएं सुनाते थे। यहां तक की जन्मदिन पर भी कोई कार्यक्रम नहीं होता था और अमिताभ को अक्सर तोहफे में एक नई कविता मिलती थी।
कोई आश्चर्य नहीं कि अमिताभ को भी कविताएं लिखने का बहुत शौक है वो हिंदी और इंग्लिश दोनों में कविताएं लिखते हैं। अमिताभ की कई कविताओं को हरिवंश राय बच्चन ने हिंदी में अनुवादित भी किया है। मजेदार बात यह है कि इन कविताओं के लिए अमिताभ कहते हैं कि मेरी कविताएं जितनी अच्छी हैं नहीं उससे ज्यादा सुंदर अनुवादित हो गई हैं और लोग ये समझते हैं कि मैं अच्छा लिखता हूं।
मौके बेमौके अमिताभ भी अपनी भावनाओं का इजहार कविता लिखकर करते हैं। दिल्ली गैंगरेप के मामले में भी उन्होंने कविता ही लिखी। क्लिक कीजिए स्लाइड और तस्वीरों के साथ पढ़िए अमिताभ के वे शब्द जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।