गुजरते साल ने ढेरों ऐसे लम्हे दिए, जो सालोसाल याद रखे जाएंगे और कुछ दंश भी जो सालेंगे। अलविदा कहते इस वर्ष की यादों में सुख हैं, कुछ दंश भी जो सालेंगे। अलविदा कहते इस वर्ष की यादों में सुख हैं, दुख हैं, बेहतरी के फूल हैं और कमियों के कांटे भी। दुख हैं, बेहतरी के फूल हैं और कमियों के कांटे भी। बीतते बरस में गर्व और उपब्लधियों से दमकते चेहरे हैं और कुछ ऐसे चेहरे भी हैं, जो मुरझाए, पर देश में एक बहस छेड गए। आधी दुनिया के नजरिया से देखिए बदलते, पर कुछ हद तक अब भी रूढियों में बंधे अपने देश की तस्वीर..