इससे सस्ता क्या?
नाम : अक्कु और लीला शेरीगर
चर्चा की वजह : 59 साल की इन दक्षिण भारतीय बहनों ने गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्डस के सामने दावा पेश किया है कि उन्हें दुनिया में सबसे कम वेतन पाने वाली कर्मचारी घोषित किया जाए। दोनों 18 वर्ष की उम्र से शासकीय महिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में टॉयलेट साफ़ करने का काम कर रही हैं। 21 टॉयलेट। सप्ताह में सातों दिन, दिन में तीन बार बिना नागा। 41 बरस पहले वेतन तय हुआ था, 15 रुपए महीना। आज भी वही है और हद तो यह कि पिछले 11 सालों से उन्हें यह वेतन भी नहीं मिला है। क़सूर : 2001 में उन्होंने वेतन बढ़ाने की मांग कर दी थी। कर्मचारी ट्रियूनल, हाईकोर्ट, सबने उनके पक्ष में फ़ैसला दिया, पर उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। आस बाक़ी है : शेरीगर बहनों को उमीद है कि इस साल रिटायर होने से पहले उन्हें उनका हक़ मिल जाएगा। आप भी दुआ कीजिए।