जब श्रेया कपूर को कॉलेज में बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला, तो उसे पता था कि वह जल्द ही अपने सपने पूरे करने मुंबई को रवाना होगी और बॉलीवुड में कुछ बड़ा करके दिखाएंगी। जिस तरह हजारों युवा हर साल बॉलीवुड स्टार बनने और करोड़ों कमाने का सपना ले मुंबई आते हैं उसी तरह श्रेया ने भी सोचा कि एक्टिंग उनके लिए बेस्ट कॅरियर है। क्या श्रेया, जो लोगों का ध्यान खींचने के लिए कुछ भी करने को तैयार थीं, अपने लक्ष्यों को पाने में कामयाब हो सकती थीं? नहीं, बहुतों की तरह उन्हें भी निराशा का सामना करना पड़ा। कारण? उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षा पर फोकस नहीं किया बल्कि सेलिब्रिटी बनने के चक्कर में रह गईं!