उनका कहना है कि बॉलीवुड से उन्हें कई ऑफर आई हैं, मगर वहां का अंदाज उन्हें सूट नहीं करता। उन्होंने कहा, मैं किसी के लिखे गीतों को किसी के लिए नहीं गा सकता। वहां बंदिशें बहुत हैं। वो तो इश्क को कमीना कहते हैं। मेरा यह कल्चर नहीं है। इश्क मेरे लिए पवित्र चीज है। मेरा जो कल्चर है, मैं उसी को आगे बढ़ाना चाहता हूं। हां जैसा मैं हूं, जैसा गाता हूं, जैसा लिखता हूं, वैसा कोई गवाना चाहे तो मैं गा सकता हूं।
पीयू की खुशबू है सरताज लाइव में
सतिंदर ने सोमवार को होटल ताज में अपने पंजाब यूनिवर्सिटी के दिनों के लिखे व गाये गीतों की अलबम ‘सरताज लाइव’ रिलीज की। इस अलबम में सरताज के 21 अक्टूबर 2011 के पंजाब यूनिवर्सिटी के शो की लाइव रिकॉर्डिग है। स्पीड रिकॉर्ड और इमर्जिग इंडिया द्वारा तैयार इस अलबम में सरताज के 25 गीत हैं, जिनमें अधिकांश लोकगीत हैं। उन्होंने कहा, ये गीत मैं कॉलेज यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के दौरान यूथ फेस्टिवलों के कंपीटीशन में गाया करता था। ये सभी अल्हड़पन के गीत हैं।