महिला एसएचओ के कामकाज पर सवाल
Source: ललित कुमार | Last Updated 02:10(07/02/12)
चंडीगढ़. प्रॉपर्टी के एक मामले में चंडीगढ़ पुलिस की पहली महिला एसएचओ के कामकाज पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने मामले में एसएचओ पूनम दिलावरी व जांच अधिकारी प्रदीप कुमार को अदालत की अवमानना याचिका पर नोटिस भी जारी किया है। साथ ही एसएसपी को मामले में हस्तक्षेप करने के निर्देश देते हुए साइट विजिट करने के निर्देश दिए हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर 8 निवासी मानवजीत कौर की तरफ से दाखिल याचिका में कहा गया कि उनके मकान के एक हिस्से पर जबरन कब्जा किया गया और इस दौरान एसएचओ पूनम दिलावरी मौके पर मौजूद रहीं। उनकी सरपरस्ती में प्रॉपर्टी पर कब्जा किया गया और वह मूकदर्शक बनकर खड़ी रहीं। मकान के बाहर लगे वीडियो कैमरे से रिकॉर्डिग कर इस सारी घटना का ब्यौरा अदालत को दिया गया। कहा गया कि सेक्टर 8 के मकान नंबर 506 में याची मानवजीत के साथ सतजीत कौर व गिरीश पाल सिंह का मालिकाना हक है।
इसी प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट ने दिसंबर 2011 में निर्देश दिए थे कि मामले के विचाराधीन रहते प्रॉपर्टी पर किसी को कब्जा न दिया जाए। हाईकोर्ट के इन निर्देशों के बावजूद सेक्टर 44 निवासी राजेश कुमार ने 24 दिसंबर को मकान के एक हिस्से पर कब्जा लेने का प्रयास किया। इसके बाद 31 जनवरी और 3 फरवरी को जबरन प्रॉपर्टी के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया गया। इस दौरान एसएचओ पूनम दिलावरी मौके पर मौजूद रहीं और कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी पर अदालत की अवमानना याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की गई।
एसएचओ ने की थी शिकायत
एक माह पहले ही एसएचओ पूनम दिलावरी ने याची मानवजीत कौर पर र्दुव्यवहार का आरोप लगाया था और इसे लेकर सेक्टर 3 स्थित पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।