पुनर्वास योजना के लिए हाउसिंग बोर्ड ने खड़े किए हाथ
Source: बरींद्र सिंह रावत | Last Updated 08:27(08/02/12)
चंडीगढ़. शहर में पुनर्वास योजना के 10 हजार फ्लैटों की अलॉटमेंट लटक गई है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के पास इनकी फिनिशिंग के लिए पैसे नहीं हैं।
सीएचबी ने प्रशासन से काम पूरा करने के लिए 400 करोड़ रुपये से ज्यादा मांगे हैं। इसके लिए प्रशासन तथा सीएचबी के अफसरों की बैठक केंद्रीय शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के साथ होने जा रही है। बैठक में केंद्र को 400 करोड़ की ग्रांट जारी करने को कहा जाएगा।
सीएचबी धनास, दड़वा, मलोया, रामदरबार, सेक्टर 49 में यह फ्लैट बना रहा है। इनमें से 8000 फ्लैट धनास में बन रहे हैं। सीएचबी इन फ्लैटों के निर्माण पर करोड़ों रुपये लगा चुका है, लेकिन उसे पहले खर्च की गई राशि भी नहीं मिली है। शहर में पुनर्वास योजना के 25 हजार फ्लैट बनाए जाने हैं।
प्रशासन की योजना चालू वित्त वर्ष में इन फ्लैटों की अलॉटमेंट की थी, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह संभव नहीं लगता। सीएचबी की वित्तीय हालत ठीक नहीं है। प्रशासन मौजूदा वित्त वर्ष में पुनर्वास योजना के एक भी फ्लैट की अलॉटमेंट नहीं कर पाया है। पिछले 6 माह से पुनर्वास योजना के फ्लैटों का काम रुका हुआ है। यही नहीं हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर 49, रामदरबार तथा मौलीजागरां में कई फ्लैटों में मरम्मत की नौबत है।
श्रेष्ठ स्कीम के लिए मिला था पुरस्कार
केंद्र सरकार द्वारा प्रशासन को पुनर्वास योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है। इसके लिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी मिला था। प्रशासन अभी तक शहर में लगभग 2000 फ्लैट पुनर्वास योजना के अंतर्गत अलॉट कर चुका है।
मांगा जाएगा पैसा
केंद्र के साथ होने वाली बैठक में पुनर्वास योजना के लिए 400 करोड़ रुपये मांगे जाएंगे। केंद्र के समक्ष बोर्ड तथा प्रशासन की मौजूदा वित्तीय हालत पर भी चर्चा की जाएगी। केंद्र से मदद मिलने के बाद ही इस योजना पर काम आगे बढ़ेगा।