केंद्रीय योजनाओं में सारा पैसा केंद्र का
Source: भास्कर न्यूज | Last Updated 03:34(10/02/12)
चंडीगढ़. पंजाब सहित विभिन्न राज्यों ने केंद्रीय फंडों में अधिक हिस्सेदारी को लेकर जो दबाव बनाया है वह काम आना शुरू हो गया है। प्लानिंग कमीशन के सदस्य बीके चतुर्वेदी की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा दी गई रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि नई केंद्रीय योजनाओं में केंद्र राज्यों को सौ फीसदी राशि दे, राज्य सरकारों से कोई पैसा न लिया जाए।
वर्तमान में कुछ योजनाओं को छोड़कर राज्य सरकारों को भी योजना का कुछ हिस्सा देना होता है। आर्थिक मंदहाली की शिकार जो राज्य सरकारें ये हिस्सा नहीं दे पाती हैं, उनके क्षेत्रों में केंद्र से आना वाला पैसा लैप्स हो जाता है, जिसका नुकसान आम लोगों को ही उठाना पड़ता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्लैगशिप प्रोग्रामों में राज्यों को हिस्सा देना होगा, जो 25 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। योजना आयोग ने रिपोर्ट सभी राज्य सरकारों को भेजकर सुझाव मांगे हैं। पंजाब सरकार ने दो दिन पहले ही आयोग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी सिफारिशों पर अपने सुझाव दिए थे।
फ्लैगशिप में अब हिस्सेदारी 25 फीसदी से ज्यादा नहीं
नई केंद्रीय योजनाओं में सौ फीसदी हिस्सेदारी केंद्र की ही होगी। लेकिन फ्लैगशिप प्रोग्राम, जिनमें सर्वशिक्षा अभियान, जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूअल मिशन, आईसीडीसी और एआईबीपी शामिल हैं, में अब राज्यों को मात्र २५ फीसदी हिस्सा देना होगा। सर्वशिक्षा अभियान में राज्य सरकारों को 35 फीसदी, एआईबीपी में 70 फीसदी, जवाहर लाल नेहरू अर्बन रिन्यूवल मिशन में 50 फीसदी और आईसीडीसी में 50 फीसदी देना पड़ता है। कमेटी ने यह भी सिफारिश की है कि इस समय चल रही कुल 147 केंद्रीय योजनाओं को कम करके इनकी संख्या ५९ तक लाई जाए। जिस पर पंजाब सरकार ने सहमति जताई है। छोटी-छोटी योजनाओं को बड़ी योजनाओं में ही मर्ज कर दिया जाएगा या फिर राज्यों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
योजनाओं पर नजर रखेंगी एजेंसियां
केंद्रीय सहयोग से राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की मॉनिटरिंग और इवेल्युएशन के लिए निष्पक्ष एजेंसियांे की सेवाएं ली जाएंगी और मॉनिटरिंग के सभी नियम वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। पंजाब सरकार ने इस सिफारिश को मान लिया है।
केंद्रीय योजनाओं के संबंध में योजना आयोग ने राज्य सरकार से सुझाव मांगे थे। चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में कमेटी ने अपने सुझाव दिए हैं। कुछ एक को छोड़कर हमें सिफारिशें सकारात्मक लगी हैं।
सतीश चंद्रा, प्रमुख सचिव , योजना विभाग