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Home >> Once Upon A Time Used To Be Sukhna River Blushing
एक वक्त था जब सुखना नदी शर्म से लाल हो जाती थी
dainik bhaskar news
| Jul 08, 2012, 01:23AM IST

सुबह की शुरुआती किरणों फूट रही हैं। कुछ लोग सूरज को निहारने लगते हैं। सेक्टर-35 के प्रदीप रतन फोटो लेने लगे। बताने लगे कि वो यहां रोज वॉक करते हैं। आज फोटो इसलिए ले रहे हैं कि झील की तस्वीर फेसबुक पर लगाएंगे। वह कहते हैं, ‘न जाने कितनी फिल्मों की शूटिंग देखी होगी यहां। कॉलेज बंक करके दोस्तों के साथ मस्ती की है। झील किनारे गाना गाया है। डर लगता है कि परमानेंट सॉल्यूशन न हुआ तो यहां बिल्डिंग न बन जाए।’
इधर-उधर दौड़ती नजर कुछ खिलाड़ियों पर आकर ठहर जाती है। तरसेम सिंह और दीनामन आठ सालों से लेक पर रोइंग प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने यहीं प्रैक्टिस करके कई मेडल जीते। लेकिन इतने दिनों तक जब पानी नहीं था तो सिर्फ फिजिकल एक्सरसाइज करके लौट जाते थे। कॉलेज स्टूडेंट हरमन की बातों में शहर और सुखना के रिश्ते को देखिए।
उनके मुताबिक चंडीगढ़ में देखने लायक तीन ही चीजें हैं। सुखना लेक, रॉक गार्डन और लड़कियां। बहुत सी पर्सनल चीजें भी शेयर कीं उन्होंने। बताया कि जब भी नई लड़की से दोस्ती होती तो उसे घुमाने यहां ले आते थे। क्योंकि यह सस्ता और बढ़िया ऑप्शन है। लेकिन लेक सूखने के बाद तो गर्लफ्रेंड यहां आना ही नहीं चाहती थी। आज कई दिनों बाद उसे लेकर पहुंचे।
सब यहां सिर्फ फिटनेस के लिए आते हैं, ऐसा नहीं है। 35 साल से यहां वॉक करने आ रहीं गुरदेव सिंह सेखों का नजरिया स्पिरिचुअल है। कहती हैं, ‘सूना मंदिर अच्छा नहीं लगता। जब तक दीया जल रहा है सब देखते हैं। अंधेरे में कौन देखता है। आज बारिश थोड़ी रौशनी लेकर लौटी है।’








