VIDEO: रफ्तारी फितूर के आगे जिंदगी पड़ी छोटी, कैमरे में कैद खौफनाक मंजर

चंडीगढ़.सड़क पर जरा सी चूक और दांव पर लग जाती है कीमती जिंदगी। कभी जल्दबाजी, तो कभी लापरवाही से हम जोखिम में डाल देते हैं अपनी और दूसरों की जान।
शहर के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे ऐसे कई हादसों के गवाह बने हैं, जिनमें छोटी सी चूक मौत का कारण बन गई। किसी ने रेड लाइट जंप करके जान गंवाई, तो किसी को जेब्रा क्रॉसिंग के आगे रुकने की ‘सजा’ मिली सीसीटीवी में रिकॉर्ड इन हादसों में से कुछ की तस्वीरें हम आपके साथ साझा कर रहे हैं, मकसद है ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना।
यह समझाना कि सड़क पर हर नियम जरूरी है, बेशक वह आपको कितना भी छोटा क्यों न लगे। इस खबर का मकसद किसी कानूनी केस को प्रभावित करना नहीं, बल्कि सेफ ड्राइविंग की सलाह देना है। शहर में सड़क हादसे बढ़ते हैं, तो दोष ट्रैफिक पुलिस को दिया जाता है।
जबकि हकीकत यह है कि सड़कों पर होने वाली मौत की जिम्मेदार वाहन चालकों की लापरवाही है। जरूरी नहीं कि गलती हमेशा बड़ी गाड़ी की हो। ज्यादातर दोपहिया वाहन चालक गलती करते हैं। इन हादसों का वीडियो हमारे पास है। लोगों को नसीहत देने और जागरूक करने के लिए इस वीडियो को ट्रैफिक पुलिस के फेसबुक अकाउंट पर भी डाला जाएगा।
-आलोक कुमार, डीआईजी ट्रैफिक
सबक
डीएसपी विजय कुमार कहते हैं, जेब्रा क्रॉसिंग के नियम का पालन ही नहीं किया जा रहा। पुलिसकर्मी खड़ा हो तो ही चालक लाइन के पीछे रुकते हैं। यह हादसा उदाहरण है कि जेब्रा क्रॉसिंग सिर्फ पैदल चलने वालों को रास्ता देने के लिए नहीं, बल्कि ऐसे किसी हादसे के वक्त यह दूसरी तरफ के वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रखने का भी जरिया है। डीएसपी विजय कुमार कहते हैं, रेड लाइट जंप करना हादसे को न्यौता देना है। सड़क पर वाहन चलाते हुए धैर्य रखें। इससे आपकी और दूसरों की जान बचती है।
हेलमेट पहनना ही पर्याप्त नहीं है, उसे पूरी तरह से बांधना चाहिए। ऐसा न करने पर हेलमेट आपका चालान तो बचा सकता है, लेकिन जान नहीं।डीएसपी विजय कुमार के मुताबिक, राउंडअबाउट पर अपने दाएं तरफ के ट्रैफिक को रास्ता देना अनिवार्य है। लेकिन शहर में ज्यादातर वाहन चालक इस नियम की अनदेखी करते हैं। इस केस में भी यही हुआ। सड़क का हर कानून मानें, सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुद की जिंदगी के लिए।
देखें तस्वीरें: पूरे शहर में मची अफरातफरी, मौत के मुंह से निकले कई
PHOTOS: पानी बना रेस का मैदान और बच्चे बने शहंशाह
‘अपना घर’ बना अय्याशी का अड्डा, मूक-बधिर लड़कियों की लुटती रही अस्मत
चंद्रमोहन को नई मुसीबत देने को तैयार प्रेम में चोट खाई शेरनी







