भास्कर ने सोमवार को यह सवाल उठाया था और भास्कर के सवाल पर उनका पहला टेस्ट करने वाले रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर पावनदीप कोहली ने भी मुहर लगा दी है। दिल्ली के माउंट कैलाश स्थित डॉ. कोहली जी स्कैन डायग्नोस सेंटर से युवी ने सबसे पहला टेस्ट करवाया था।
भास्कर से बातचीत में कोहली ने कहा कि 21 मई को युवराज सिंह उनके पास टेस्ट के लिए आए थे। 27 मई को टेस्ट की रिपोर्ट आई थी जिसमें मैने उन्हें साफ बताया था कि उनकी दोनों लंग्स के बीच एक मांस का टुकड़ा जमा है जिसका इलाज करवाना जरूरी है। इसके अलावा उनकी बायोप्सी रिपोर्ट भी ठीक नहीं आई थी। कोहली के मुताबिक युवराज 7 दिन तक उनके सेंटर में आते रहे।
एक बार तो घबरा गए थे युवी
कोहली के मुताबिक जब उन्हें बताया गया कि लंग्स के बीच टयूमर पल रहा है तो एक बार युवराज भी घबरा गए थे। उनके साथ मां शबनम सिंह भी मायूस हो गई थी। लेकिन युवी ने केवल खुद को संभाला बल्कि अपनी मां को भी दिलासा दिया। कोहली ने बताया कि टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने पूछा था कि अब क्या कि या जाए तो मैने बताया था कि इसका इलाज शुरू करवाएं। अब इलाज में क्यों देरी हुई, इस पर मैं कुछ नहीं बोल सकता।