बारादानों की कमी से खरीदी धीमी
Source: | Last Updated 01:08(10/02/12)
भास्कर न्यूजत्नबोड़ला-कवर्धा
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रहे उपार्जन केंद्रों में ५ नवंबर से प्रांरभ हुई धान खरीदी अब १५ फरवरी तक की जाएगी। इस तरह किसानों की धान खरीदी करने की मंशा सरकार की तो है पर उपार्जन केंद्रों में बारदाने के अभाव से खरीदी प्रभावित हो गई है। वहीं इन खरीदी केंद्रों में भेजी जा रहा बारदाना अपर्याप्त मात्रा में है जो किसी भी केंद्र के लिए परेशानी का सबब है।
किसानों को खरीदी केंद्रों में आकर रतजागा करते हुए बारदना आने का इंतजार करना पड़ रहा है। कृषक अपने खलिहानों से धान सीधे सोसायटियों में लेकर आते हैं जिन्हें अपने बोरे में या खुले आसमान के नीचे ढेरी लगाकर रख रहे है। ऐसे में किसानों को बेमौसम बारिश होने का डर बना हुआ है। कृषि रकबा सबसे अधिक लगभग पांच से सात हजार हेक्टेयर में बंफर धान उत्पादन करने वाले तरेंगंाव उपार्जन केंद्र में प्रारंभ से अब तक कुल ३६ हजार ३ सौ बार दाने ही उपलब्ध कराई गई है। जबकि वर्तमान में इस केंद्र को कम से कम दस हजार बारदाने की आवश्यकता है। यहंा वर्तमान में १४ हजार ७ सौ १४ च्ंिटल धान खरीदी की गई है। जबकि १९ जनवरी से बारदाना नहीं होने के कारण २७ जनवरी को खरीदी प्रारंभ किया गया जो १ फरवरी तक चला। फिर २ फरवरी को बारदाने के अभाव में खरीदी बंद हो गई। ७ फरवरी को मात्र २ हजार बारदाना यहंा भेजा गया जो एक ही दिन में खत्म हो गया। अब यहंा के कृषक बारदाने के इंतजार में बैठे हैं।
पीडीएस के बोरे से होगी खरीदी
कार्यालय जिला विपणन अधिकारी छग राज्य सहकारी संघ के पत्र क्रमांक २२९८ ६ फरवरी द्वारा सभी उपार्जन केंद्रों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि पीडीएस सोसायटियों के बारदानें से धान खरीदी किया जाए। यहंा यह बताना लाजमी होगा कि क्षेत्र के सभी पीडीएस केंद्रों में को खंगाला जाय तो भी सही सहलामत तीन हजार बारदाने नहीं निकलेंगे। ऐसे में विपणन अधिकारियों का यह फरमान कृषकों को हताश करने वाला ही साबित होगा।