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नए सिरे से होगी जोगी की जाति की जांच, शासन ने रिपोर्ट वापस ली

भास्कर न्यूज | Sep 19, 2013, 04:54AM IST
नए सिरे से होगी जोगी की जाति की जांच, शासन ने रिपोर्ट वापस ली

बिलासपुर. पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर पेश की गई हाई पॉवर कमेटी की विजिलेंस सेल की जांच रिपोर्ट राज्य शासन ने वापस ले ली है। पक्ष सुने बगैर जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को गलत बताते हुए जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। बुधवार को सुनवाई के दौरान जांच में चूक मानते हुए शासन ने पूरी रिपोर्ट वापस लेकर नए सिरे से जांच की बात कही है। हाईकोर्ट ने जोगी की याचिका निराकृत कर दी है।  


छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जोगी की जाति की जांच रिपोर्ट वापस लेने से अजीत जोगी को इस मामले में बड़ी राहत मिली है। जोगी के सीएम रहने के दौरान राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष जोगी की जाति के प्रमाण पत्र के खिलाफ शिकायत की गई थी।


आयोग ने जाति प्रमाण पत्र को फर्जी करार दिया था। इसके बाद जोगी की जाति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि जोगी के जाति प्रमाण पत्र का मामला राजनीतिक है। इस मामले में अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में जोगी की जाति की जांच हाई पावर कमेटी से कराने के निर्देश छत्तीसगढ़ शासन को दिए थे।


इसमें कहा गया था कि जोगी की जाति की जांच दो महीने में की जाए, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी। जोगी के वकील राहुल त्यागी ने शासन द्वारा रिपोर्ट वापस लेने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव के ठीक पहले जाति की जांच राजनीतिक उद्देश्य से की गई। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद वक्त जाया किया गया। विजिलेंस कमेटी ने जांच के पूर्व अजीत जोगी को अपना पक्ष रखने का भी अवसर नहीं दिया, इस पर जोगी ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी।


पहली जांच में कंवर,दूसरी जांच में संदेह
जोगी के वकील राहुल त्यागी के मुताबिक विजिलेंस कमेटी ने 2४ अप्रैल को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें उनके जन्म स्थान के लोगों से चर्चा के आधार पर जोगी को कंवर समुदाय का माना गया था। चूंकि यह जांच अजीत जोगी का पक्ष सुने बगैर की गई, इसलिए इस पर आपत्ति की गई। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस मामले में दोबारा जांच के आदेश दिए। इसके बाद 22 जून को जो जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, उसमें जोगी की जाति पर संदेह जाहिर कर दिया गया। राहुल त्यागी के मुताबिक संबंधित पक्षकार को बिना सुने जब पहली जांच संदिग्ध हो गई, तब दूसरी जांच रिपोर्ट नहीं मंगाई जा सकती।


उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने इस मामले में अपनी चूक मानते हुए अपनी दोनों जांच रिपोर्ट वापस ले ली। रिपोर्ट वापस लेने के बाद जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर की सिंगल बेंच ने जोगी की याचिका निराकृत कर दी। मामले में छत्तीसगढ़ शासन, हाईपावर कमेटी तथा विजिलेंस सेल की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल यशवंत सिंह ठाकुर एवं जोगी की ओर से राहुल त्यागी, मनीष शर्मा ने पैरवी की।


मैंने शुरू से ही कहा था कि इस मामले में जो भी पहला फैसला आएगा, वह मेरे पक्ष में होगा।
अजीत जोगी


नए सिरे से होगी जांच
राज्य शासन ने हाईकोर्ट को सौंपी गई अपनी दोनों रिपोर्ट वापस लेते हुए कहा है कि जोगी की जाति की जांच नए सिरे से की जाएगी।


पुराने आरोप पर कायम: भूपेश
अब राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि सरकार ने चुनाव के पहले केस वापस लेकर जोगी को मदद पहुंचाई है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यक्रम समन्वयक भूपेश बघेल ने कह दिया-मैं आज भी अपने पुराने बयान पर कायम हूं। उनका आरोप था कि कांग्रेस को कमजोर करने के लिए जोगी भाजपा की मदद से अपने कार्यक्रम कर रहे हैं। 
 
 

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