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6 माह में हुए गर्भाशय के 1002 ऑपरेशन , अब तक कुल 2159 मामलों का खुलासा

Bhaskar News | Jul 17, 2012, 05:27AM IST
 
 

बिलासपुर। महिलाओं का गर्भाशय बेवजह निकालने और स्वास्थ्य बीमा योजना की रकम हड़पने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक 6 माह के भीतर 864 महिलाओं के गर्भाशय निकालने का मामला उजागर हुआ था। ये आंकड़े दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। निजी अस्पतालों से स्वास्थ्य विभाग को मिले रिकार्ड के मुताबिक 138 नए प्रकरण आए हैं। इसके बाद यह आंकड़ा 1002 पहुंच गया है। इस तरह ढाई से तीन सालों के भीतर 2159 महिलाओं के गर्भाशय निकाले जा चुके हैं। विधानसभा में इस मामले की गूंज के बाद भी स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की जांच में कोई तेजी नहीं आई है। कुछ अस्पतालों ने अपने रिकार्ड नहीं दिए हैं।

सिर्फ 6 महीनों के भीतर 864 (आरएसबीवाई सहित) महिलाओं के गर्भाशय निकालने का मामला सामने आ चुका है। इनमें 60 फीसदी ऑपरेशन सर्जन डॉक्टरों ने किए हैं। आगे की जांच में ये आंकड़े और बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को कुछ अस्पतालों के रिकार्ड मिलने के बाद 138 और मामले सामने आए हैं। इससे 6 महीनों के भीतर गर्भाशय निकाले जाने का मामला 1002 पहुंच गया है।


इसके अलावा ढाई साल के भीतर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के तहत किए गए ऑपरेशन के आंकड़े 1157 हैं। इससे गर्भाशय ऑपरेशन का आंकड़ा 2159 पहुंच गया है। आज जिन अस्पतालों के नाम सामने आए हैं, उनमें शहर के 9 अस्पताल शामिल हैं। 6 माह के भीतर श्रीराम केयर अस्पताल में गर्भाशय ऑपरेशन के 36 मामले मिले हैं। वहीं जूनी लाइन के मेघानी नर्सिग होम में 35, तोरवा के जेजे अस्पताल में 14, सरकंडा के कालविट नर्सिग होम में 6, तेलीपारा के श्री साईं कृपा हास्पिटल में 14 और बस स्टैंड के डॉ. लाडीकर हास्पिटल में 7 ऑपरेशन के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा कार्तिकराम साव मेमोरियल मेडिकल रिसर्च सेंटर में 17 महिलाओं के गर्भाशय ऑपरेशन किए गए हैं। वहीं जरहाभाठा के सहगल नर्सिग होम में 5 और प्रताप चौक के निकट तृप्ति नर्सिग होम में 4 ऑपरेशन के रिकार्ड मिले हैं।

48 निजी अस्पतालों के रिकार्ड मिले
स्वास्थ्य विभाग को अब तक 48 निजी अस्पतालों से रिकार्ड मिल चुके हैं। इनमें शहर के मेघानी नर्सिग होम, केयर एंड क्योर, डॉ. शर्मा हास्पिटल, दुबे नर्सिग होम, गायत्री नर्सिग होम, जेजे हास्पिटल, साईंबाबा हार्ट एंड किडनी सेंटर, संजीवनी हास्पिटल, शिवांगी हास्पिटल, साईं कृपा हास्पिटल, श्रीराम केयर हास्पिटल, मुंगेली के क्रिश्चियन हास्पिटल, सुखनंदन अस्पताल, डॉ. अशोक जान अस्पताल, सेवा सदन अस्पताल, लाइफ लाइन हास्पिटल, तखतपुर के चरन नर्सिग होम आदि शामिल हैं। इसके अलावा सिम्स ने 6 माह के भीतर 28 और जिला अस्पताल ने 20 ऑपरेशन की जानकारी दी है। सिम्स का यह आंकड़ा तीन सालों के भीतर 416 है।
इन अस्पतालों में भी सामने आए मामले-
-श्रीराम केयर हास्पिटल अमेरी रोड 36
-मेघानी नर्सिग होम जूनी लाइन 35
-कार्तिकराम साव मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर सरकंडा 17
-जेजे अस्पताल तोरवा 14
-डॉ. कालविट नर्सिग होम सरकंडा 6
-श्री साईं कृपा हास्पिटल तेलीपारा 14
-लाडीकर नर्सिग होम बस स्टैंड 7
-तृप्ति लेडीज हास्पिटल प्रताप चौक 4
-कौशल्या देवी सहगल हास्पिटल 5


कमाई का जरिया बनी योजना

बगैर जांच के कैंसर का भय बताने वालों ने न महिलाओं के कम उम्र की परवाह की, न ही हकीकत सामने आने और भरोसा टूटने का ख्याल आया। योजना को कमाई का जरिया बना लिया गया।


मुंगेली में सबसे ज्यादा ऑपरेशन 6 माह के भीतर गर्भाशय ऑपरेशन के रिकार्ड में अब तक मुंगेली के क्रिश्चियन अस्पताल (125) और सुखनंदन अस्पताल (123) का आंकड़ा सर्वाधिक है। वहीं आरएसबीवाई के तहत ढाई से तीन सालों के भीतर चरन नर्सिग होम तखतपुर में सर्वाधिक 80 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि साव नर्सिग होम में 72 महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए। इसके अलावा दुबे नर्सिग होम एवं गायत्री नर्सिग होम में 63-63 मामले पाए गए हैं।
 
 
 

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