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इस बार न होने दें तिरंगे का अपमान

Matrix News | Aug 08, 2012, 02:05AM IST
 
 

स्वयं जागरुक होने पर ही इस अपमानजनक स्थिति से बचा जा सकता है।
सिटी रिपोर्ट-!-भि लाई
सप्ताहभर बाद आजादी का पर्व धूमधाम से मनेगा। चारों तरफ देश भक्ति गीत गूंजेंगे। कपड़े के तिरंगे सरकारी इमारतों व स्कूल-कालेजों में फहराएंगे। हाथों में कागज व प्लास्टिक के झंडे लहराएंगे। गाडिय़ों में नजर आएंगे। फिर दिन बीतते ही पर्व का खुमार उतरेगा और कागज व प्लास्टिक के तिरंगे कूड़ेदानों में नजर आएंगे। यानी हमेशा की तरह फिर अपमान।
आजादी के 65 वर्ष बीत चुके हैं, मगर 15 अगस्त और 26 जनवरी मनाने के बाद हर बार राष्ट्रीय झंडे के अपमान की शिकायतें मिलती हैं। मैदानों , नालियों व कचरे के ढेर में कागज व प्लास्टिक के तिरंगे पड़े रहते हैं। निगम का सफाई कर्मी इसे नुक्कड़ में डाल जाता है। देश के हर कोने से आए दिन तिरंगे के अपमान की खबरें आती हैं, लेकिन इसके पीछे का कारण कोई नहीं टटोलता। दैनिक भास्कर ने झंडा ऊंचा रहे हमारा अभियान के जरिए हर नागरिक तक तिरंगे के प्रति उनका कर्तव्य याद दिलाने का बीड़ा उठाया है।
तिरंगे को सम्मान देने हर नागरिक को आगे आना होगा। फिर चाहे स्कूली ब'चे हों, कालेज में पढऩे वाले नौजवान या सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों में काम करने वाले कर्मी। विद्यार्थियों को समझाइश देनी होगी ताकि 16 अगस्त को कचरे के ढेर में प्लास्टिक के तिरंगे न दिखें। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस में हर नागरिक झंडे खरीदता है, लेकिन उसकी हिफाजत करना भूल जाता है। इसके लिए जनता को भी जागरूक होना होगा। तिरंगे के रंगों की अहमियत समझनी होगी। केसरिया को भारत माता का श्रृंगार दान और श्वेत रंग को शांति की संज्ञा देनी होगी। हरियाली में हरा भरा हिंदूस्तान तलाशना होगा। वहीं चक्र में शौर्य-शक्ति की परिभाषा गढऩी होगी। यानी हर हिन्दुस्तानी को झंडे पर गर्व करना होगा।
 
 
 

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