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मौसम में बदलाव का सेहत पर बुरा असर
Matrix News
| Jun 17, 2012, 01:27AM IST
जिला हास्पिटल की ओपीडी में चेकअप करवाने वालों में खासी तादाद ऐसे लोगों की है, जिन्हें बदहजमी, गैस, मुंह में छाले पडऩे, बुखार व डायरिया की शिकायत है। गले में इन्फेक्शन व लू-पीडि़त मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। मलेरिया, पीलिया व टायफाइड के मामलों में कमी नहीं आई है। जल जनित इन बीमारियों से बचने डॉक्टर उबला पानी, गर्म भोजन,बाहर के खाने से परहेज करने की सलाह दे रहे है।
फिर से लू के हालात
सप्ताह भर पहले हुई हल्की बारिश के बाद इलाके के तापमान में गिरावट आने से राहत महसूस की जा रही थी, लेकिन बारिश बंद होने के बाद दोबारा पारा चढऩे लगा है। उमस व गर्मी से बेचैनी बढ़ी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है।
वार्ड में जगह नहीं
हास्पिटल के आपातकालीन व मेडिकल वार्ड के चारों कमरे मरीजों से ठसाठस भरे हैं। जगह की कमी के चलते वार्ड के बाहर भी बिस्तर लगाने की नौबत आई है। हास्पिटल ने 108 एंबुलेंस से लाए जाने वाले मरीजों के लिए 4 बिस्तर वाले एक कमरे का इंतजाम किया है, ताकि आपात स्थिति में बिस्तर की कमी न पड़े।
योग्य डाक्टरों की कमी
जगदलपुर . बस्तर की बदहाल सेवा के चलते योग्य डाक्टरों की कमी एक बड़ा मुद्दा है। जिला सुकमा और दंतेवाड़ा के संविदा 14 डाक्टरों के वेतन का मामला सुलझाया नहीं जा सका है।
कमिश्नर बस्तर डा. दुर्गेश चंद्र मिश्रा ने दोनों जिलों के कलेक्टरों से इसका यथोचित निराकरण करने कहा है। कमिश्नर ने स्वास्थ्य व पशु चिकित्सा विभाग की सेवाओं की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया गया संभाग के 7 जिलों के लिए प्रथम श्रेणी के स्वीकृत पदों में से 191 पद खाली पड़े हैं।
द्वितीय श्रेणी के 338 तृतीय श्रेणी के 1110 पद खाली पड़े हैं। बैठक में कमिश्नर ने भवनों, हितग्राही योजनाओं आदि की जानकारी भी ली । पशु चिकित्सा के बारे में बताया संभाग में 22 लाख के करीब पशु है।
प्रस्ताव भेजे जाए : कमिश्नर डा. मिश्रा ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के जिन पदों के लिए स्थानीय उम्मीदवार ने मिल रहे हो केवल उन्हीं मामलों में शासन के प्रस्ताव भेजा जाए।
स्मार्ट कार्ड लोगों का बन रहा मददगार
नारायणपुर. किसी को पेटदर्द की परेशानी से तो किसी को किडनी की समस्या से और किसी को डायरिया से और किसी को बच्चे दानी की पीड़ा के चलते आपरेशन की जरुरत आ पड़ी ।
इन सबके पास अपनी बीमारी के इलाज के लिए पैसों की कमी पड़ गई थी। यही नहीं इन पीडि़तों का इलाज भी स्थानीय स्तर पर नहीं हो सकता था। इन्हें किसी बड़े हास्पिटल में इलाज करवाने की सलाह डाक्टर दे चुके थे। खर्च भी इनके बूते का नहीं था।
बीपीएल Ÿोणी के कुम्हारपारा निवासी राजूराय हों ,देशांतरी ध्रुव हों या मितानिन सभी की मदद स्मार्र्ट कार्ड ने की। गंभीर अर्थराइटिस से पीडि़त केरलापाल की गणेशिया हो अथवा टाइफ ाइड पीडि़त उसका भाई सोमनाथ हो। अस्पताल में हर दिन 5-6 मरीज स्मार्ट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। लोगों में स्मार्ट कार्ड के फ ायदों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। एनआरएचएम प्रबंधक पुष्पराज पटेल ने बताया पिछले साल १९५ लोगों ने स्मार्ट कार्ड का लाभ उठाया था। इस साल जून के पहले पखवाड़े तक ३१८ हितग्राही स्मार्ट कार्ड का लाभ उठा चूके हैं। आरएसबीवाय के जिला कंसल्टेंट आरएस देवांगन ने बताया तृतीय चरण में ६७९१ स्मार्ट कार्ड बनाए गए। देवांगन ने बताया एपीएल Ÿोणी के लोगों को भी स्मार्ट कार्ड का लाभ मिलेगा।
और दिव्या बच गई
ओरछा के मुंडपाल की आठ महीने की डायरिया पीडि़त बच्ची दिव्या शांति अस्पताल में लाई गई। स्मार्ट कार्ड से उसका इलाज आरंभ हुआ। शाम ढलने पर नज ढीली पडऩे लगी और उसके अभिभावक कहने लगे कि अब यह मरणासन्न सुबह ले जाने पर देर हो जाएगी और दफ नाने में परेशानी आएगी। अस्पताल नहीं माना, छुट्टी नहीं दी, दवा ने असर किया, दिव्या बच गई। छह महीने बाद फि र से दिव्या को डायरिया हुआ है लेकिन इस बार उसके अभिभावक स्मार्ट कार्ड के फ ायदों के बारे में आश्वस्त हैं।






