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केआईटी का तो स्टेटस ही स्पष्ट नहीं
Matrix News
| May 19, 2012, 08:55AM IST
फोटो- केआईटी के सारे समाचारों की आज के फोल्डर में है और कालेज की फोटो लगावे
भास्कर न्यूज,रायगढ़
किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालॉजी ((केआईटी)) विवादों से घिरा हुआ है। इसमें नित नए विवाद और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। पर अब जो मामला सामने आया है वह है कालेज के स्टेटस का। एआईसीटीई के साइट में कालेज को शासकीय कालेज का दर्जा प्राप्त है, और इसी के कारण सैकड़ों छात्र हर वर्ष यहां प्रवेश लेते हैं। पर कालेज में छात्रों से प्राइवेट कालेज के आधार पर ही हर साल 43 हजार 300 सौ रुपए फीस ली जाती है। पर जब छात्र कालेज में आते हैं तो उन्हें यह पता चलता है कि कालेज न तो गर्वमेंट है और न ही प्राइवेट। प्रबंधन के लोग और छात्र बताते हैं कि कालेज के स्टेटस स्पष्ट नहीं होने के कारण इसी चक्कर में कालेज की इतनी दुर्दशा हुई है। अब तो अगले सत्र से कालेज 66 हजार प्रतिवर्ष फीस बढ़ाने जा रहा है। ऐसे में छात्रों के बीच आक्रोश है, छात्रों का कहना है कि रुपए प्राइवेट कालेज के अनुसार लिए जाते हैं और सुविधा गर्वमेंट कालेज के अनुरूप भी नहीं है।
मप्र शासन के तकनीकी शिक्षा एवं जनशक्ति नियोजन विभाग के 23 दिसंबर 1999 के पत्र क्रमांक एफ 50-3-97/42-1 में उल्लेख है कि कालेज में छात्रों का प्रवेश व्यापम द्वारा होने वाली प्रतियोगी के आधार पर होगी। कालेज के स्टाफ पर शासकीय सेवा नियम लागू होंगे। कालेज के कुल स्वीकृत पदों के लिए अनुदान देय होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नाम्र्स के आधार राशि देने के बाद अन्य कोई राशि रा'य सरकार द्वारा नहीं दी जाएगी। बस यही काफी था यहां कर्मचारियों के लिए पेमेंट गर्वमेंट पर नाम नहीं छात्रों की समस्या यहीं से आरंभ हो जाता है। सरकारी महकमे की तरह कार्य करने वाला कालेज सरकारी नहीं है। छात्रों को अपने ही कालेज में विभागों में एक काम करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।





