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कुंभ में मोदी की गान, संघ प्रमुख भी साथ
Matrix News
| Feb 08, 2013, 06:10AM IST
इस बीच ‘धर्म संसद’ में शामिल होने आए संघ प्रमुख मोहन राव भागवत मोदी की दावेदारी से जुड़ा सवाल टाल गए। लेकिन कहा कि ‘वह मेरे मित्र हैं। पर मैं राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं।’ लेकिन ‘धर्म संसद’ में बोलते हुए भागवत ने कहा कि ‘किसको आना चाहिए...किसको लाना चाहिए... सारे देश में उठ रहे हैं ये विचार। लेकिन हम लोग यहां कितना भी बोलेंगे तो भी, जिनको करना है उन्हीं का कर्तव्य है और उन्हीं को अधिकार भी है।
उनको करने देना चाहिए। उनका करना गलत हुआ तो उनको फल खाने देना चाहिए। लोग जानते ही हैं कि आपके मन में क्या है। केवल यहां बैठे लोग ऐसा नहीं बोलते, सारे देश में आवाज यही गूंजती है।’ इसके बाद साधुओं ने जमकर मोदी के नारे लगाए।
मार्गदर्शक मंडल के प्रस्ताव पारित
इसके साथ ही भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर विहिप के प्रस्ताव का समर्थन किया। विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल ने मंदिर निर्माण के लिए कानून बदलने के वास्ते केंद्र सरकार को छह माह का वक्त दिया है। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दी है। ‘धर्म संसद’ ने मार्गदर्शक मंडल के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
मंच से किया मोदी का समर्थन
‘धर्म संसद’ में अपने संबोधन के दौरान संत रामानुजाचार्य और संत वासुदेवाचार्य ने मोदी के नाम का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो लोगों की उम्मीदें पूरी होंगी। अयोध्या में मंदिर बन पाएगा। साथ ही कहा कि यदि मोदी को आगे करके चुनाव लड़ा गया तो बहुमत भी मिलेगा। इस बीच विहिप के संरक्षक गिरिराज किशोर ने भी मोदी का समर्थन किया है।








