रेलवे बोर्ड ने इन आधुनिक तरीके से रिजर्वेशन कराने वालों को टिकट की तमाम जानकारी बतौर संदेश भेजने की योजना बनाई है। सफर के दौरान यह संदेश ही टिकट के तौर पर मान्य होगा, बशर्ते आपके पास ओरिजनल फोटो आईडी प्रूफ होना चाहिए।
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग डा. मोनिका अग्निहोत्री ने 1 फरवरी को नया सर्कुलर जारी किया है। इसमें ई-टिकटिंग को और सरल बनाया गया है। दरअसल इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कापरेरेशन (आईआरसीटीसी) ने यात्रियों को मोबाइल से भी रिजर्वेशन कराने की सुविधा दी है। इससे पहले लैपटॉप, पामटॉप और कंप्यूटरधारी यात्री को ई-टिकटिंग की सुविधा दी जा चुकी है।
अब तक ऐसे यात्री ई-टिकट के प्रिंट के साथ यात्रा करते रहे हैं। यात्रा के दौरान टिकट की कॉपी गुम जाए तो टीटीई को 50 रुपए जुर्माना भी देना पड़ता है। इन समस्याओं से जल्द ही निजात मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने ई-टिकट वालों को उनके उपकरण में ही टिकट संबंधी संदेश भेजने का फैसला किया है।
पहचान के लिए रखिए ये दस्तावेज
* वोटर आईडी * पासपोर्ट * पेन कार्ड * ड्राइविंग लाइसेंस * केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र * राष्ट्रीय बैंक की फोटोयुक्तपासबुक * फोटोयुक्तक्रेडिट कार्ड * यूनिक आईडी कार्ड
ऐसे मिलेगा फायदा
पामटॉप, लैपटॉप और मोबाइल से टिकट बुक कराने वालों को उनके उपकरण पर ही संदेश प्राप्त होगा। इसमें पीएनआर, ट्रेन नंबर, क्लास, यात्रियों की संख्या, किराए से लेकर चढ़ने और उतरने वाले स्टेशन तक का नाम दर्ज रहेगा। यात्री सफर के दौरान टीटीई को यही संदेश उपकरण के स्क्रीन पर दिखा देगा।
रेलवे या आईआरसीटीसी द्वारा भेजा गया संदेश टिकट की तरह मान्य होगा। यात्री को इस संदेश के साथ अपना ओरिजनल फोटो आईडी प्रूफ दिखाना होगा। सफर के दौरान उपकरण के गुम जाने या फिर संदेश के मिट जाने की स्थिति में टीटीई अपने रिजर्वेशन चार्ट और यात्री के फोटो आईडी प्रूफ से सही यात्री की पहचान करेगा। पहचान होने पर यात्री को टिकट गुमने के लिए 50 रुपए जुर्माना भरना होगा।