'चूहे भी सफ़र कर रहे थे उनके साथ और ये बर्दाश्त नहीं हुआ'
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 06:39(07/02/12)
बिलासपुर। पोरबंदर से हावड़ा जाने वाली हापा एक्सप्रेस के एसी कोच में चूहों ने यात्रियों को इस कदर परेशान किया कि वे कोच छोड़कर प्लेटफार्म पर बैठ गए। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने दिया। इतना ही नहीं, स्टेशन मास्टर तक का घेराव कर दिया गया। कोच में दवा का छिड़काव और सफाई करने के बाद ट्रेन रवाना हुई। इस घटना से ट्रेन बिलासपुर में एक घंटे खड़ी रही। शाम 4:15 बजे ट्रेन के बिलासपुर पहुंचते ही ए-1 और बी-1 यात्री हंगामा करने लगे।
यात्रियों ने ट्रेन स्टाफ को चेतावनी दी कि जब तक सफाई नहीं होती, वे ट्रेन को आगे नहीं बढ़ने देंगे। ट्रेन स्टाफ ने मामले की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। इधर ट्रेन बिलासपुर में 15 मिनट ठहर चुकी थी और सिग्नल मिलने के बाद आगे बढ़ने लगी थी कि यात्रियों ने फिर चेन खींच दी। एक-एक कर चार बार चेन पुलिंग हुई। आखिरकार आरपीएफ स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। यात्रियों ने आरपीएफ अधिकारी को बताया कि वे नागपुर से शिकायत करते आ रहे हैं कि कोच में चूहे और काकरोच इतने ज्यादा हैं कि बैठना मुश्किल हो गया है।
बच्चे और महिलाएं डर तक जा रही हैं। ट्रेन स्टाफ ने दुर्ग फिर रायपुर में सफाई कराने या फिर कोच बदलने की बात कही। दोनों स्टेशन में राहत नहीं मिली तो नाराज यात्रियों ने बिलासपुर में ट्रेन खड़ी कर दी। अब तक ट्रेन 30 मिनट से ज्यादा ठहर चुकी थी। आखिरकार दोनों कोच की सफाई के साथ ही दवा का भी छिड़काव किया गया। इसके बाद यात्री शांत हुए और ट्रेन आगे बढ़ी। इस घटना के कारण हापा एक्सप्रेस बिलासपुर से करीब एक घंटे लेट रवाना हुई।
परेशानी चूहों से, दवा दी काकरोच की
हापा एक्सप्रेस के यात्री चूहों की धमा-चौकड़ी से परेशान थे। बिलासपुर स्टेशन में हंगामा मचने पर रेल प्रशासन ने कोच की सफाई कराई और दवा का छिड़काव किया। दवा चूहों को मारने या भगाने की नहीं, बल्कि मच्छर और काकरोच भगाने वाला स्प्रे था। दरअसल रेल प्रशासन के पास चूहों को तत्काल भगाने या मारने का उपाय ही नहीं है।