मुख्यमंत्री से लगभग आधे घंटे की मुलाकात में पोलैंड के राजदूत ने उनसे अधिकांश बातचीत राष्ट्रभाषा हिन्दी में की। मुख्यमंत्री ने जब उनसे कहा कि आप बहुत अच्छी हिंदी बोल रहे हैं, तो पोलैंड के राजदूत का कहना था कि अपने विद्यार्थी जीवन में उन्होंने हिंदी सीखी। इसलिए मौका मिलते ही मैं हिंदी में बोलता हूं।
क्लोडोकोवस्की ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए बस्तर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में भी बहुत जल्द शांति और खुशहाली का वातावरण बनेगा। राजदूत ने कहा कि वे भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश की संभावनाओं के बारे में भी विचार-विमर्श किया। डॉ. रमन सिंह ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ नया राज्य होने के बावजूद कृषि उत्पादन में काफी आगे है। कृषि विकास में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे नंबर पर है। इसलिए यहां कृषि उपजों पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं।
क्लोडोकोवस्की ने कहा कि वे इस बारे में छत्तीसगढ़ के उद्योग विभाग से रिपोर्ट मिलने पर अपने देश की सरकार को अवगत कराएंगे और पोलिश उद्योगपतियों का अध्ययन दल यहां के दौरे पर भेजेंगे। बातचीत के दौरान वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव दिनेश श्रीवास्तव, राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक सुबोध कुमार सिंह और नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एसएस बजाज भी उपस्थित थे।