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Home >> Chhatisgarh >> Raipur >> News >> Anyone Do Not Drink Alcohol From 8 Years In The Village And No Crime
ऐसा गांव जहां 8 साल से न किसी ने पी शराब, न हुआ कोई अपराध
अभिषेक मिश्रा
| Feb 20, 2013, 06:56AM IST

बलौदाबाजार। चांपा-खम्हरिया जिले का विशेष गांव है। विशेष इसलिए कि पिछले आठ साल से यहां कोई अपराध नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए संभव हो पाया कि गांव के बुजुर्गो ने तब से ही यहां शराब बेचने और पीने पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी है।
अगर किसी ने इस व्यवस्था को तोड़ा तो उसे जुर्माने के साथ दंडित किया गया। इसी जुर्माने की राशि से श्रममदान कर यहां शीतला माता का मंदिर बनाया गया। बलौदाबाजार से 14 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अब आपसी सौहाद्र्र की मिसाल बन चुका है। बहुत पहले कोचिए यहां शराब लाकर बेचते थे।
गांव के बुजुर्गो ने इसे अपराध की जड़ मानकर इस पर पूरी तरह बंदिश लगा दी। इतनी ही नहीं यहां के छोटे-मोटे आपसी झगड़े भी पुलिस तक नहीं पहुंचते। गांव के पंच-परमेश्वर ही निपटा लेते हैं।
इनका सूत्र वाक्य है कि ‘औरों ने तुम्हारे प्रति जो अपराध किए हैं उन्हें भूल जाओ।’ बस, पंचों के ऐसे ही फैसले गांव का वातावरण बिगड़ने नहीं देते। पिछले आठ साल से यहां हत्या, बलात्कार, डकैती, चोरी जैसी घटनाएं नहीं हुई हैं।
एक हजार की आबादी वाले इस गांव में कोई बाहर से शराब पीकर आ जाए तो उसे दंडित भी किया जाता है। उसे सुधरने का मौका दिया जाता है। उस पर जुर्माना लगाया जाता है।
गांव के बुजुर्ग बुधराम वर्मा, पंथराम वर्मा, भोजराम वर्मा, झाड़ूराम साहू, मालिकराम यादव व अन्य ने बताया कि गांव को सुखी व संपन्न देखने के लिए ही यह व्यवस्था बनाई गई, जो आज भी कायम है। और तो और चुनाव के समय भी यहां शराब नहीं बिकती। टीआई रामगोपाल सोनी ने भी बताया कि पिछले आठ साल से यहां कोई अपराध नहीं हुआ है।
पंच-परमेश्वर की आत्मा कायम
सरपंच अंजुलता वर्मा ने बताया कि उनके तीन साल के कार्यकाल में करीब दर्जन भर पारिवारिक विवादों का निपटारा किया गया है। बुजुर्गो की उपस्थिति में दोनों पक्षों की सहमति से पंचायत का फैसला सर्वमान्य होता है।







