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लाखों रुपए लेकर सेवाश्रम में बच्चों से करवा रहे गौशाला का काम
ज्ञानेन्द्र तिवार
| Jun 26, 2012, 07:48AM IST

पूछने पर बोले कि हमें आश्रम में पढ़ाने की बात कहकर घर से लाया गया था। टीम ने यहां कुछ छात्राओं को भी कैमरे में कैद किया जबकि अध्यक्ष के अनुसार यहां लड़कियां नहीं रहतीं। मौके पर ही मिलीं आश्रम अधीक्षक पार्वती देवांगन कहने लगीं, इस सब पर अध्यक्ष जवाब देंगे। समाज कल्याण के संयुक्त संचालक का कहना है कि आश्रम चलाने के लिए पांच साल से अनुदान दिया जा रहा है। इसमें बच्चों की शिक्षा, खान-पान और रहने का खर्च शामिल है। कर्मचारियों के लिए अलग से बजट दिया जाता है।
अपंग विद्यार्थी कल्याण सेवाश्रम को विभाग पांच साल से लाखों रु. अनुदान दे रहा है। बच्चों को पढ़ाई के नाम लाकर मजदूरी करवाना गलत है।
एमएल पांडे, संयुक्त संचालक, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग
छह हजार रु. देकर भी गोबर फेंकने के लिए लोग नहीं मिलते। ऐसे में बच्चों को स्वावलंबी बनाना ही बेहतर विकल्प है।
प्रेमशंकर गोटिया, अध्यक्ष, अपंग विद्यार्थी कल्याण सेवा आश्रम







