रायपुर.राजधानी में विकास कार्यो की अटकी रफ्तार को लेकर निगम की सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही राजनीत लड़ाई अब निगम की सामान्य सभा तक पहुंच गई है। आरोप-प्रत्यारोपों के बीच पेशे से वकील महापौर किरणमयी नायक ने सोमवार को नया दांव खेला। उन्होंने मंगलवार को होने वाली सामान्य सभा की बैठक में सांसद रमेश बैस, दोनों मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत के अलावा विधायकों नंदे साहू और कुलदीप जुनेजा को भी बुलाया है।
इसके लिए महापौर ने सामान्य सभा के समय को भी सुबह 11 बजे की जगह दोपहर 12 बजे करने की तैयारी की थी। सभापति की नाराजगी के बाद समय बदलने का आदेश रद्द किया गया। सांसद, मंत्रियों और विधायकों को इस आमंत्रण के पीछे भी राजनीति है। सड़क चौड़ीकरण के लिए होने वाली तोडफ़ोड़ के मुआवजे से लेकर, सौ नई सिटी बसों, गोलबाजार को बेचने तक के मुद्दे पर बैठक में चर्चा होने वाली है। इन सारे मुद्दों पर भाजपा खुलकर महापौर का विरोध कर रही है। सांसद रमेश बैस के घर हुई विकास संबंधी बैठक में भी ये मुद्दे उठे थे।
बैस के घर हुई बैठक में नहीं बुलाए जाने से बिफरी महापौर ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। नगरीय प्रशासन मंत्री मूणत ने मेयर की बयानबाजी को झूठा करार देते हुए खुले मंच पर बहस की चुनौती तक दे डाली थी। मेयर ने भी चुनौती स्वीकार की है। इस बात की उम्मीद कम ही है कि कुलदीप जुनेजा को छोड़ सांसद या बाकी तीनों विधायक-मंत्रियों में से कोई सामान्य सभा में पहुंचे।
एफआईआर केवल कांग्रेसियों पर :सामान्य सभा में कुछ पार्षद केवल कांग्रेसी पार्षदों पर एफआईआर कराने का मामला उठाने की तैयारी कर रहे हैं। इन पार्षदों का कहना है कि अलग-अलग तीन मामलों में कांग्रेस के पार्षदों के खिलाफ निगम प्रशासन ने एफआईआर कराने की कोशिश की है। लेकिन खुलेआम घूस लेते पकड़े गए एक भाजपाई और निर्दलीय पार्षद के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गौरतलब हैं कि नलघर घेराव को लेकर जोन सात अध्यक्ष रितेश त्रिपाठी के खिलाफ तत्कालीन आयुक्त ओमप्रकाश चौधरी ने एफआईआर कराने का निर्देश दे दिया था। जोन अध्यक्ष अनीस अहमद उर्फ लल्लू पर एफआईआर कराने कहा गया था। सफाई ठेकेदारों से रंगे हाथों घूस लेते पकड़े गए भाजपा पार्षद मनीष ध्रुव पर कार्रवाई नहीं हुई उल्टे वहां की महिला ठेकेदार को दो महीने के अंदर काम से अलग कर दिया गया। इसी तरह निर्दलीय पार्षद गोविंद मिश्रा की ठेकेदार से बातचीत का टेप नगरीय प्रशासन विभाग भेजा जा चुका है।
प्रोसीडिंग का बचेगा समय : पिछले सामान्य सभा की प्रोसीडिंग की पुष्टि करने के लिए इस बार वक्त जाया नहीं करना पड़ेगा। सचिवालय ने प्रोसीडिंग की कॉपी पहले ही सभी पार्षदों को अध्ययन के लिए भेज दी है।
वक्त बदलने से सभापति नाराज :सामान्य सभा का वक्त सुबह 11 से 12 बजे करने पर सभापति संजय श्रीवास्तव कमिश्नर तारनप्रकाश सिन्हा पर नाराज हो गए। उन्होंने कमिश्नर से पूछा कि किसके कहने से सामान्य सभा का वक्त बदला गया। सभापति की नाराजगी के बाद सचिवालय ने सभा का समय वापस 11 बजे कर दिया।
गोल बाजार बेचने का मामला पकड़ेगा तूल :शहर की सड़कों में हो रही तोडफ़ोड़ के लिए मुआवजा बांटने के मुद्दे पर मेयर नायक ने गोलबाजार को बेचने का संकल्प एमआईसी से पास किया है। शासन से गोल बाजार को बेचने की अनुमति भी मांगी जा रही है। इस मुद्दे पर सामान्य सभा में पक्ष और विपक्ष के बीच जबर्दस्त बहस हो सकती है। अगर सांसद, मंत्री या विधायक सभा में शामिल होते हैं तो यह मामला और जबर्दस्त तूल पकड़ सकता है।