जी हां ये सच है!...अब छात्रों को कार्ड से मिलेगी छात्रवृत्ति
Source: bhaskar news | Last Updated 00:14(30/01/12)
रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति पाने के लिए एटीएम की तरह विशेष कार्ड दिया जाएगा। इसका नाम ‘शिक्षा संगी छात्रवृत्ति कार्ड’ होगा। इसमें राज्य सरकार का चिह्न् भी अंकित होगा। योजना एक जुलाई से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रविवार को मंत्रालय में हुई आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग की बैठक में इस योजना का अनुमोदन कर दिया। छात्रवृत्ति कार्ड के आधार पर विद्यार्थी राज्य के किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक के एटीएम बूथ से सुविधानुसार छात्रवृत्ति की राशि निकाल सकेंगे। राज्य में बैंकों के लगभग एक हजार एटीएम सेंटर हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति स्वीकृति का ऑन लाइन आदेश हर महीने समय पर जारी करने का आदेश दिया है। नई योजना सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से लागू की जाएगी। इसके लिए यहां मंत्रालय स्थित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र का भी सहयोग लिया जाएगा। छात्रवृत्ति की मंजूरी और भुगतान की पूरी प्रणाली को शिक्षा पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा। फिलहाल अजा-अजजा और ओबीसी के विद्यार्थियों को करीब 173 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
एक जुलाई से पूरे प्रदेश में लागू होगी योजना
नक्सल क्षेत्रों में विशेष सुविधा
बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ जिलों में जहां एटीएम बूथ नहीं हैं, वहां साप्ताहिक हाट-बाजारों में मोबाइल वाहनों से चलित एटीएम बूथ भेजे जाएंगे। इन्हीं चलित बूथों से छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति की राशि निकाल सकेंगे।
ऐसे बनेगा कार्ड
सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया छात्रवृत्ति कार्ड नि:शुल्क बनाएगा। विद्यार्थियों को कार्ड लेने के लिए अपनी बेसिक जानकारी और परिचय प्रमाण देना होगा। राशि एकाउंट में जमा होते ही विद्यार्थी अथवा उसके अभिभावक के मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए सूचना आ जाएगी।
यह होगा फायदा
कार्ड से छात्र-छात्राओं को हर महीने सही समय पर छात्रवृत्ति की मंजूरी मिल सकेगी। राशि
तत्काल (प्रत्येक माह की पहली तारीख को) उनके बैंक एकाउंट में जमा हो जाएगी, जिससे वे खुद ही अपनी सुविधानुसार राशि निकाल सकेंगे।
पहले चरण में पांच लाख कार्ड
योजना के पहले चरण में करीब पांच लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति कार्ड दिए जाएंगे। इनमें कक्षा नवमीं और दसवीं की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति और कक्षा ग्यारहवीं व उससे ऊपर की कक्षाओं में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित आश्रम शालाओं व छात्रावासों के विद्यार्थी शामिल रहेंगे।