नए मंत्रालय को देखने पहुंच गए सीएम, टॉर्च की रोशनी में किया निरीक्षण

रायपुर.डीके भवन से मंत्रालय भवन को नया रायपुर में शिफ्ट करने का प्लान लगभग दो महीने टल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शनिवार रात नई राजधानी में निर्माणाधीन मंत्रालय भवन का करीब आधे घंटे निरीक्षण किया।
मंत्रालय भवन में अभी भी काफी काम बाकी है। मंत्रालय भवन के एक बड़े हिस्से को देखने के लिए मुख्यमंत्री को टार्च का सहारा लेना पड़ा, क्योंकि वहां बिजली सप्लाई नहीं थी। कई बार वे अधिकारियों को संभलकर चलने की हिदायत देते रहे। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक महीने बाद इसका दोबारा निरीक्षण करेंगे। इसके बाद ही शिफ्टिंग की तारीख तय की जाएगी। यहां आने वाले चार से पांच हजार लोगों की सुविधाओं को देखा जाना भी जरूरी है।
काम पूरा करने 15 मई का नया टार्गेट रखा गया है। पहले एक अप्रैल से मंत्रालय को नई राजधानी में शिफ्ट करने की योजना थी। मुख्यमंत्री ने नए मंत्रालय के सभाकक्ष में प्रमुख अधिकारियों की बैठक ली। इसमें मुख्य सचिव सुनिल कुमार और आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव एन. बैजेन्द्र कुमार सहित मंत्रालय के विभिन्न विभागों से संबंधित नोडल अधिकारी शामिल थे। सीएम ने बैठक में कहा कि मंत्रालय में जरूरी अधोसंरचनाओं के साथ-साथ हमें भवन के बाहर आम नागरिकों के लिए भी जरूरी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण पर ध्यान देना होगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि सभी नोडल अधिकारियों को मंत्रालय शिफ्टिंग में अपने-अपने विभागों के समस्त सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने के लिए कहा गया है। बैठक में राजस्व सचिव तथा मंत्रालय शिफ्टिंग के नोडल अधिकारी बीएल अग्रवाल, सामान्य प्रशासन सचिव मनोज कुमार पिंगुआ भी उपस्थित थे। एनआरडीए के सीईओ एसएस बजाज, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी के प्रबंध संचालक सुबोध कुमार सिंह, कलेक्टर रोहित यादव और एसएसपी दीपांशु काबरा भी शामिल थे।
रोज आएंगे पांच हजार लोग मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सभी निर्माण कार्य काफी तेज रफ्तार से चल रहा है। वहां बन रहे मंत्रालय भवन तथा अन्य सरकारी दफ्तरों के भवनों को लेकर आम जनता में काफी उत्सुकता है। नया रायपुर में मंत्रालय आने के बाद यहां कम से कम एक साल तक रोजाना चार हजार से पांच हजार तक आम नागरिकों के आने-जाने की संभावना बनी रहेगी।
मंत्रियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए कार्यालय कक्षों का निर्माण तो नए मंत्रालय में हो ही जाएगा, लेकिन हमें यहां आने वाले आम नागरिकों के लिए प्रवेश पत्र काउंटरों सहित अन्य सुविधाएं बनानी होगी। इसमें प्रतीक्षालय, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, यातायात और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में भी गंभीरता से सोचना होगा।
उनके लिए ये सारी सुविधाएं विकसित करनी होगी। डॉ. सिंह ने बैठक में मंत्रालय सहित कैपिटल कांप्लेक्स और संपूर्ण परिसर में साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा केंद्र, बैंक, डाकघर, पुलिस चौकी आदि से संबंधित तैयारियों की भी समीक्षा की। डॉ. सिंह ने अधिकारियों को इस संबंध में तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।







